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डीएम ने कानूनगो व लेखपाल को किया निलंबित, हड़कंप

Fri, 17 Mar 2017 10:35 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
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जमीन - फोटो : अमर उजाला
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सेना के पड़ाव की भूमि पर कब्जे के मामले में डीएम ने कानूनगो उमेश त्यागी और लेखपाल राजू को निलंबित कर दिया है। डीएम की कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप की स्थिति है।
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बता दें कि सेना के पड़ाव की भूमि पर कब्जे के मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामले में तत्कालीन तहसीलदार कुमार भूपेंद्र को भी नोटिस जारी किया गया है।

फ्रीगंज रोड स्थित सेना के पड़ाव की तीन बीघा 10 बिसवा भूमि पर भूमाफियाओं के कब्जे के मामले में जांच अधिकारी व अपर उपजिलाधिकारी पुष्पराज सिंह द्वारा तत्कालीन तहसीलदार कुमार भूपेंद्र को नोटिस जारी करने के बाद कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो चुका है।
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जांच के बाद डीएम ने कानूनगो उमेश त्यागी और लेखपाल राजू को निलंबित कर दिया। दोनों की इस मामले में संलिप्तता पाई गई है। इन्होंने दस्तावेजों में हेरफेर में बड़ी भूमिका निभाई। डीएम की ओर से इसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

कार्रवाई के बाद तत्कालीन प्रशासनिक अमले में हड़कंप की स्थिति है। संबंधित अधिकारियों व संबंधित लोगों को पसीने छूट रहे हैं। इसके अलावा तत्कालीन तहसीलदार कुमार भूपेंद्र द्वारा नोटिस का जवाब देने पर दूसरे अधिकारी और कर्मचारी भी अपनी गर्दन फंसी हुई देख रहे हैं।

कुमार भूपेंद्र वर्तमान में मेरठ में एसीएम (अपर नगर मजिस्ट्रेट) के पद पर तैनात हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार इस मामले में तत्कालीन कई प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत है। जिनके आदेश पर इस पूरे मामले में भूमाफियाओं को सहयोग किया गया।

शुक्रवार को संबंधित कानूनगो और लेखपाल से जांच अधिकारी पुष्पराज सिंह ने पूछताछ की। इसके बाद इन्हें डीएम अनिल ढींगरा ने दोनों को तलब किया। दोनों पूछताछ में स्पष्ट जवाब नहीं दे सके, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई है।  

डीएम अनिल ढींगरा ने बताया कि कानूनगो और लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा मामले में जिन भी अधिकारियों और कर्मचारियों संलिप्तता पकड़ी जाएगी, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

सेना की जिस विवादित भूमि के लिए लेखपाल राजू को निलंबित किया गया है। उस पर उसके एक परिजन के नाम तीन सौ गज का प्लाट है।

सूत्रों के अनुसार यह प्लाट लेखपाल को सेना की भूमि पर प्लाटिंग कराने के लिए भूमाफियाओं ने बतौर गिफ्ट दिया था। इसी प्लाट के आधार पर शुरुआत में ही लेखपाल जांच के दायरे में आ गया था।

सपा नेता अनिल आजाद ने कहा कि डीएम द्वारा की गई कार्रवाई नाकाफी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानूनगो और लेखपाल काफी छोटे स्तर के हैं। मामले में लिप्त सभी अधिकारियों के साथ उन भूमाफियाओं के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई होनी चाहिए जो इस प्रकार के दुस्साहस करते हैं।
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