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गंगा किनारे के गांव में बाइक से पहुंचे डीएम

Mon, 11 Jul 2016 09:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
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उफनाती गंगा से घिरे गांव का अफसरों ने लिया जायजा - फोटो : अमर उजाला
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गंगा का जलस्तर बढ़ने पर सोमवार को डीएम व सीडीओ ने तटवर्ती गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। रास्ता कठिन होने से अफसरों को बाइक से जाना पड़ा। इस दौरान ग्रामीणों ने आला अफसरों का स्वागत करने के साथ अपना दुखड़ा भी सुनाया।
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ब्रजघाट तीर्थनगरी क्षेत्र से जुड़ा गांव गंगानगर गंगा नदी की जलधारा के बीच रेतीले टापू पर बसा हुआ है। यहां रहने वाले दो सौ से अधिक परिवारों को बरसात में उफनती गंगा के किनारे अनहोनी के साए में जिंदगी गुजर बसर करनी पड़ती है।

हर साल उन्हें यह दंश झेलना पड़ता है, पर कोई भी अधिकारी उनकी खोज खबर लेने नहीं आता। सोमवार को सीएम के पौधरोपण अभियान के तहत डीएम एके ढींगरा और सीडीओ इस गांव की सुध लेने पहुंचे।
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इन सभी को रास्ते में खासी परेशानी झेलनी पड़ी। उन्हें गंगा किनारे तक बाइक पर जाना पड़ा तो वहां से बाइक को नाव में लादकर उफनती गंगा की जलधारा से होकर गांव में पहुंचना पड़ा।

पहली बार कलक्टर साहब और सीडीओ को अपने दर पर खड़ा देख ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। स्वागत करने के साथ ही सभी ने उन्हें अपना दुखड़ा भी सुनाया।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में चिकित्सा और शिक्षा जैसी कोई भी मूलभूत सुविधा मुहैया नहीं हैं। ग्रामीणों का दुखड़ा और गांव की हालत देख कलक्टर साहब दंग रह गए, जिन्होंने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन को गंगानगर के लिए गंगा नदी पर पुल बनवाने को अविलंब इस्टीमेट तैयार करने का निर्देश दिया।

इसके अलावा डीएम ने एक्सईएन को गांव में बिजली, डीएसओ को राशन सामग्री, सीएमओ को चिकित्सा सेवा और बीएसए को प्राइमरी शिक्षा मुहैया कराने की हिदायत भी दी।

चौतरफा गंगा की जलधारा से घिरे गांव गंगानगर तक पहुंचने में डीएम और सीडीओ को खासी दिक्कत झेलनी पड़ीं, जिन्हें इस दौरान कई मील पैदल, बाइक और फिर नाव का सहारा लेना पड़ा।

परंतु बाइक की ड्राइविंग करने के दौरान कलेक्टर साहब और पीछे बैठे सीडीओ सिर पर हेलमेट लगाना भूल गए। जो क्षेत्रीय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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