यदि आप हापुड़ डिवीजन के किसी गांव-कस्बे की गलियों में पहुंच जाइए तो रात में लोग छतों व गलियों में घूमते मिल जाएंगे। यह लोग एक साथ न ही सेहत बनाने के लिए घरों के बाहर व छतों पर टहलते हैं और न ही मौज मस्ती के लिए, बल्कि भीषण गर्मी से निजात पाने के लिए उनके पास यही एक रास्ता बचा है।
अघोषित बिजली कटौती ने ग्रामीणों की नींद हराम कर दी है। गर्मी में होने वाली अघोषित कटौती लोगों को परेशानी में डाल रही है। सूबे के मुखिया ने शहरी क्षेत्रों में 24, तहसील क्षेत्र में 20 व ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति करने का आदेश दिया है।
गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने से उपकेंद्र ओवरलोड हो रहे हैं। इससे वहां लगी पुरानी मशीनें व जर्जर तार दगा दे रहे हैं। इसके चलते इस समय ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध रूप से विद्युत सप्लाई मुश्किल हो रही है।
सात दिनों से काकोड़ी बिजलीघर से जुड़े डेढ़ दर्जन गांव भड़ंगपुर, भिम्बयारी, गढ़ी, लुखलाड़ा, शेखपुर, ट्याना, भिकनपुर, यादनगर आदि गांवों में में बार-बार बिजली की ट्रिपिंग से ग्रामीणों की नींद हराम हो गई है। पूरी रात लोग भीषण गर्मी में सड़कों व छतों पर टहल कर रात गुजार रहे हैं।
गांव भड़ंगपुर निवासी अमर पाल सिंह, अशोक कुमार, चंद्रपाल ठेकेदार, देवेंद्र, सोनपाल, नरेंद्र सिंह का कहना हैं की गांवों में दिन भर बिजली की आंख मिचौली जारी रहती है। भीषण गर्मी में सबसे ज्यादा समस्या रात व दोपहर के समय होती है।
बिजली कटौती के चलते अंधेरे में रात गुजारती पड़ रही है। जल्द इस समस्या से राहत नहीं मिली तो वह आंदोलन को विवश होंगे। अधिशासी अभियंता सचिन कुमार का कहना है कि कंट्रोल से जितनी आपूर्ति मिल रही है, देहात को दी जा रही है। स्थानीय स्तर पर कोई कटौती नहीं की जा रही है।