हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उप्र के विभिन्न जिलों से श्रद्धालुओं का तीर्थ नगरी ब्रजघाट में आगमन शनिवार देर शाम से ही प्रारंभ हो गया था। रविवार को सुबह चार बजते ही गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का भारी सैलाब गंगा तट पर उमड़ पड़ा।
बैशाखी अमावस्या पर रविवार को गंगा नगरी ब्रजघाट में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। जिसके बाद श्रद्धालुओं ने गंगा किनारे पूजन करते हुए मंदिरों के दर्शन भी किए। इसके अलावा पुष्पावती पूठ और लठीरा के तट पर भी स्थानीय लोगों ने स्नान किया।
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हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उप्र के विभिन्न जिलों से श्रद्धालुओं का तीर्थ नगरी ब्रजघाट में आगमन शनिवार देर शाम से ही प्रारंभ हो गया था। रविवार को सुबह चार बजते ही गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का भारी सैलाब गंगा तट पर उमड़ पड़ा। हर-हर गंगे, जय मां गंगे के उद्घोष के साथ भक्तों ने गंगा स्नान किया। तीर्थ नगरी का घंटाघर घाट, आरती स्थल घाट, चौरासी घंटे वाला घाट और पीडब्ल्यूडी का वीआईपी घाट, कन्हैया घाट समेत अन्य स्थानों पर गंगा स्नान किया।
इसके अलावा गांव पुष्पावती पूठ और लठीरा के घाटों पर भी पहुंचकर स्नान किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर मौजूद पुरोहितों से पितरों के निमित्त पिंडदान, तर्पण आदि कार्य पूर्ण कराए। वहीं जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भंडारों का भी आयोजन किया। स्नान, पूजा-पाठ आदि धार्मिक कार्य पूर्ण करने के बाद अपने-अपने इष्ट देवी-देवताओं के मंदिरों में जाकर श्रद्धालुओं ने मथा टेक परिवार में सुख शांति की मन्नत मांगी।
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वाहनों का दबाव बढऩे से बनी जाम की स्थिति
अमावस्या पर श्रद्धालुओं का आवागमन बढऩे से हाईवे पर वाहनों का दबाव भी बढ़ गया। जिस कारण टोल प्लाजा पर व्यवस्था धवस्त हो गई। टोल पर वाहन धीमी गति से निकले, तो हाईवे पर भी जाम की स्थिति बन गई। जाम लगने से उमस भरी गर्मी के मौसम में राहगीरों व श्रद्धालुओं खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।