त्यागी नगर कालोनी में चल रही कथा में भजनों पर नृत्य करती महिला। संवाद
हापुड़। देवलोक कॉलोनी स्थित श्री रुद्रेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा में रविवार को पार्वती जन्म, शिव-पार्वती विवाह और शिव जी द्वारा पार्वती को राम कथा सुनाने का वर्णन किया गया। इस दौरान भजनों की धुन पर श्रद्धालु थिरक उठे।
कथा वाचक मिथलेश नंदन कौशिक ने बताया कि माता सती के आत्मदाह के बाद, हिमालय और मैना के घर पार्वती (शक्ति) ने पुनर्जन्म लिया। नारद मुनि की सलाह पर पार्वती ने शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की। पार्वती की अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर शिव जी ने उन्हें विवाह के लिए स्वीकार कर लिया।
भगवान शिव की बरात में भूत-प्रेत, पिशाच शामिल रहे और शिव नंदी पर सवार होकर आए। कैलाश में शिव और पार्वती का विवाह संपन्न हुआ, जो प्रकृति और पुरुष के मिलन का प्रतीक है। विवाह के पश्चात कैलाश पर्वत पर शिव जी ने माता पार्वती को भगवान विष्णु के अवतार श्रीराम के जन्म की कथा सुनाई।
इस दौरान धीरज शर्मा, सतीश शर्मा, नितिन गोयल, अमित त्यागी, प्रेम शर्मा, आरडी शर्मा, दिनेश शर्मा, चंद्रकांत शर्मा, यशपाल मलिक, मनोज गुप्ता, सुनील गुप्ता, कमलेश गौड़, योगेश वर्मा आदि मौजूद रहे।