हापुड़। नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव बदनौली में शुक्रवार को दो पक्षों में हुई फायरिंग व पथराव के मामले में रविवार सुबह गोली लगने से घायल हुए युवक दीपक (22) की मौत हो गई। खबर पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। आनन-फानन में एहतियातन गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। दोपहर बाद मेरठ में पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो ग्रामीणों ने हापुड़ मोदीनगर रोड पर शव वाहन को रोककर हंगामा किया। आरोपियों का एनकाउंटर, बुलडोजर की कार्रवाई और शव को हापुड़ आंबेडकर तिराहे पर ले जाने की ग्रामीण मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचीं डीएम कविता मीना और एसपी ज्ञानंजय सिंह के समझाने पर करीब दो घंटे बाद ग्रामीण माने और शव का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
यह था मामला
मोदीनगर रोड के गांव बदनौली में पूर्व प्रधान संदीप चौधरी समेत कई लोगों ने शुक्रवार को अनुसूचित जाति के अंश पक्ष पर हमला बोल दिया था। इस दौरान अवैध असलहा से जमकर फायरिंग की और पथराव किया। ताबड़तोड़ करीब 20 राउंड फायरिंग में गोली लगने से अनुसूचित जाति पक्ष के दीपक उर्फ गोलू, बंटी उर्फ विजय व महिला मुनेश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद मेरठ एडीजी भानू भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, डीएम हापुड़ कविता मीना, एसपी ज्ञानंजय सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शांति व्यवस्था कायम की। इस मामले में शनिवार को एसपी ज्ञानंजय सिंह ने सदर कोतवाली प्रभारी मनीष चौहान को लाइन हाजिर करते हुए चौकी प्रभारी व बीट हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया था।
सीओ अनीता चौहान को भी हटा दिया गया, लेकिन रविवार सुबह दीपक की मौत के बाद गांव का माहौल एक बार फिर गरमा गया। सुबह से ही गांव में लोग एकत्र होना शुरू हो गए। इसको देखते हुए पुलिस अलर्ट हो गई। एएसपी डॉ. विनीत भटनागर पुलिस बल के साथ गांव के बाहर और पीड़ित पक्ष के घर की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेड लगाकर मुस्तैद हो गए। इस दौरान बाहर से आने वाले लोगों को बाहर ही रोक दिया गया और गांव के लोगों को आईडी दिखाकर ही अंदर प्रवेश दिया गया।
दोपहर बाद शव पहुंचते ही शुरू हो गया हंगामा
दोपहर बाद करीब चार बजे दीपक का शव मोदीनगर के रास्ते बदनौली पहुंचा। दरअसल, पुलिस को आशंका थी कि शव को हापुड़ में रोकने का प्रयास किया जा सकता है। काफी संख्या में लोग हापुड़ में आंबेडकर मूर्ति पर भी एकत्र हो गए थे और यहां धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। ऐसे में पुलिस ने एहतियातन शव को मोदीनगर के रास्ते ले जाना ही सही समझा लेकिन जैसे ही शव गांव पहुंचा तो इससे पहले ही बड़ी संख्या में महिलाएं और युवक गांव के बाहर मोदीनगर हापुड़ मार्ग पर एकत्र हो गए और जमकर नारेबाजी करते हुए शव वाहन को सड़क पर ही रोक दिया।
ग्रामीणों ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही का भी आरोप लगाया। इनकी मांग थी अब आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए, आरोपियों के घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों की यह भी मांग थी कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। पांच करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, जमीन का पट्टा, शस्त्र लाइसेंस व पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। पुलिस और कुछ लोगों ने युवकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। करीब दो घंटे तक सड़क पर हंगामा चलता रहा और इस दौरान मोदीनगर रोड पर आवागमन पूरी तरह से ठप रहा।
मामले में मायावती और चंद्रशेखर आजाद ने किया ट्वीट-
बदनौली की घटना को लेकर रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती और आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने ट्वीट कर पीड़ित पक्ष को न्याय की बात कही है।
सांसद ने कहा कि हापुड़ के नगर कोतवाली क्षेत्र के बदनौली गांव में चार सितंबर को पुरानी रंजिश के चलते घरों में घुसकर पथराव और फायरिंग की घटना में एक महिला समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए। गंभीर रूप से घायल दीपक की 5 सितंबर की रात उपचार के दौरान मौत हो गई। एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया, इस पीड़ा को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार से हमारी मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। घटना से पहले की परिस्थितियों, पुलिस की भूमिका और हिंसा रोकने में हुई चूक की भी पूरी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
मायावती ने जताया दुख -
बसपा सुप्रिमो मायावती ने घटना पर दुख जताते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि हापुड़ में दो समुदायों में हुई आपसी रंजिश व झड़प में घायलों में से एक व्यक्ति की आज हुई मौत अति-दुखद। सरकार आरोपियों को कानूनी सजा के साथ-साथ पीड़ित परिवार की भी सहायता जरूर करे तो यह उचित होगा। वैसे भी आपसी रंजिशों का खून-खराबा में बदल जाना अति-निन्दनीय एवं चिंतनीय तथा ऐसी घटनाओं को सरकारी हस्तक्षेप आदि से हर हाल में रोका जाना चाहिए ताकि विवाद संघर्ष तक ना पहुंच पाए।
डीएम, एसपी के आश्वासन के बाद माने ग्रामीण -
हंगामे के दौरान डीएम कविता मीना और एसपी ज्ञानंजय सिंह मौके पर पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों को उनकी सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। काफी देर तक समझाने के बाद लोग शांत हुए और दीपक के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
एसपी ज्ञानंजय सिंह का कहना है कि परिजनों व ग्रामीणों ने एक मांग पत्र सौंपा है। ग्रामीणों की मांगों का संज्ञान लिया जाएगा। सभी जायज मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गांव बदनौली में हापुड़ मोदीनगर रोड पर सड़क पर बैठे लोग। संवाद
गांव बदनौली में हापुड़ मोदीनगर रोड पर सड़क पर बैठे लोग। संवाद