हापुड़। नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव जसरूपनगर के जंगल में बृहस्पतिवार को मिले शव की शिनाख्त मोहल्ला गांधी विहार निवासी महेंद्र उर्फ पप्पू (40) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृतक राज्य कर कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था और पिछले कई वर्षों से नौकरी पर भी नहीं गया था। वहीं मृतक शराब पीने का आदी हो चुका था और पिछले तीन वर्षों से अपने घर भी नहीं गया था।
बृहस्पतिवार की सुबह गांव जसरूपनगर के जंगल में व्यक्ति के शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। शव की शिनाख्त मोहल्ला गांधी विहार निवासी महेंद्र उर्फ पप्पू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2006 में उनके पिता श्रीकृष्ण की मौत हो गई थी। उनके पिता राज्य कर कार्यालय में तैनात थे। पिता की मौत के बाद मृतक आश्रित में महेंद्र की नौकरी लगी थी। परिजनों के मुताबिक महेंद्र शराब पीने का आदी हो चुका था। जिसके कारण वह पिछले कई वर्षों से नौकरी पर भी नहीं गया था।
पुलिस के अनुसार महेंद्र शराब पीकर नगर में इधर उधर ही घूमता था और पिछले तीन वर्षों से घर पर भी नहीं गया था। जिसके चलते परिजनों ने भी उससे संपर्क करना बंद कर दिया था। उनकी पत्नी उसे छोडकऱ अपने मायके मुरादनगर चली गई थी। मृतक के भाई सोनू बताया कि कई वर्षों से उनका महेंद्र से कोई संपर्क नहीं था। उनके बड़े भाई दिल्ली व छोटे भाई हापुड़ में नौकरी करते हैं।
सीओ जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस हर पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। दो महिलाओं को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जल्द हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।