हापुड़। बदनौली स्थित 765 केवी क्षमता के बिजलीघर से विभिन्न जिलों को जा रहीं आठ ट्रांसमिशन की लाइनों का करंट अच्छेजा के किसानों की जान पर खतरा बन रहा है। 500 बीघा से अधिक भूमि इसकी चपेट में है। नलकूपों की लाइनें स्वीकृत हैं, लेकिन करंट के कारण तार नहीं खिंच पा रहे हैं। खेतों में काम करने वाले किसानों को भी झटके लग रहे हैं। इतना अधिक मैग्नेटिक फील्ड (चुंबकीय क्षेत्र) बनने से अफसर भी हैरान हैं। इस मामले में डीएम अभिषेक पांडेय ने शुक्रवार को विशेष बैठक बुलायी है।
दरअसल, हापुड़ ऊर्जा कंट्रोल का बड़ा केंद्र है। यहां बदनौली में 765केवी, आनंद विहार में 220, मोदीनगर रोड पर 132, सिंभावली, गढ़ में बड़े बिजलीघर हैं। इनमें सबसे बड़ा केंद्र हापुड़ के बदनौली में है, यहां से 10 से अधिक जिलों को आपूर्ति जाती है। दो साल पहले अडानी ग्रुप की ओर से एक ट्रांसमिशन लाइन और बनाई गई है, इसे घाटमपुर नाम से जाना जाता है। इसी लाइन के नीचे करंट का प्रवाह सबसे अधिक बताया जा रहा है।
विद्युत लाइनों के मकड़ज़ाल से यहां खेतों की स्थिति बेहद बदतर हो चुकी है, निर्माण कार्य तो यहां दूर की बात है अब खेती करना भी मुश्किल हो गया है। ऊपर जा रहीं ट्रांसमिशन की लाइनें इतना अधिक मैग्नेटिक फील्ड बना रही हैं कि नीचे जमीन पर खड़ा होना मुश्किल हो रहा है।
डीएम कार्यालय पहुंचे किसान नवीन त्यागी, राजेंद्र त्यागी, शिवकुमार, राजकुमार, रवि त्यागी, देवेंद्र त्यागी, आदित्य त्यागी आदि ने बताया कि पिछले दिनों नलकूप के लिए ट्रांसफार्मर और लाइनें स्वीकृत कराई गई हैं। खंभे और ट्रांसफार्मर लगा दिए गए, लेकिन जैसे ही तार खींचने शुरू किए, लाइनमैनों को भयंकर करंट लगा। इसके बाद इंसुलेटेड वायर डालने की तैयारी शुरू की गई, लेकिन इनमें भी करंट दौड़ गया, वीडियो में करंट साफ देखा गया है।
बारिश के मौसम में खेत में घुसना तो दूर आस पास जाना भी मुश्किल होता है। किसानों की शिकायत पर डीएम ने अधिशासी अभियंता हापुड़ अशीष कौशल और ट्रांसमिशन के अधिकारियों से जानकारी की, लेकिन दोनों अधिकारी भी हैरान थे कि इतना अधिक मैग्नेटिक फील्ड बन कैसे रहा है। अधिकारियों का कहना था कि लाइनें मानक के अनुसार ऊंचाई पर हैं, फिर नीचे करंट प्रवाह होना साधारण नहीं है।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शुक्रवार को इस मामले में बैठक होगी। क्योंकि खेतों में किसान काम करते हैं, उनकी सुरक्षा भी प्राथमिकता है। नलकूपों को सप्लाई के लिए स्वीकृत ट्रांसफार्मर भी खेतों से हटाकर किसानों के घर पर ही रखवाया गया है।
शुक्रवार को होनी है बैठक
अच्छेजा के किसानों ने समस्या रखी थी, जो गंभीर है। इस मामले में शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर, समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। - अभिषेक पांडे, डीएम।