फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: ज्येष्ठ पूर्णिमा पर गंगानगरी में उमड़ी भक्तों की भीड़, ब्रजघाट में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

Sun, 31 May 2026 12:17 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, हापुड़

सार

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर हापुड़ के ब्रजघाट में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से स्नान और पूजन कर अपने आराध्य देवों का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान जयकारों से शहर गूंज उठा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। 
विज्ञापन
गंगा में स्नान करते श्रद्धालु - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पुरुषोत्तम मास की ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को हापुड़ की गंगानगरी ब्रजघाट, पुष्पावती पूठ और लठीरा के तट लाखों श्रद्धालुओं के जयकारों से गूंज उठे। इस शुभ दिन पर, आस्थावानों ने मां गंगा में पवित्र डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
विज्ञापन


दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान का महत्व
इस विशेष अवसर पर, तीर्थनगरी में कई धनाढ्य श्रद्धालुओं ने भंडारों का आयोजन किया, जहाँ गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराया गया। इसके अतिरिक्त, अधिकांश भक्तों ने भगवान सत्यनारायण की कथा का श्रवण किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर ब्राह्मणों को दक्षिणा प्रदान की। यह परंपरा दान और पुण्य के महत्व को रेखांकित करती है, जो ज्येष्ठ पूर्णिमा के पर्व का एक अभिन्न अंग है।
 

विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु
मई माह की इस महत्वपूर्ण पूर्णिमा पर, केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों जैसे मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बरेली, चंदौसी, नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बागपत आदि से भी बड़ी संख्या में भक्त मां गंगा के तटों पर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से स्नान और पूजन कर अपने आराध्य देवों का आशीर्वाद प्राप्त किया।

 

धार्मिक स्थलों पर दर्शन और मनोकामनाएं
गंगा स्नान के उपरांत, श्रद्धालुओं ने तीर्थनगरी में स्थित वेदांत मंदिर, हनुमान मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, अमृत परिसर और शिव-पार्वती मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाकर देवी-देवताओं के दर्शन किए और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की। स्थानीय निवासियों और आसपास के गांवों के ग्रामीणों की भी भारी भीड़ लठीरा और पूठ गांव के घाटों पर देखी गई, जिन्होंने आस्था की डुबकी लगाकर पर्व की महत्ता को और बढ़ाया।

 
विज्ञापन

ज्येष्ठ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्मशास्त्रों में ज्येष्ठ पूर्णिमा को विशेष महत्व दिया गया है। इस दिन गंगा स्नान को अत्यंत फलदायी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस पवित्र स्नान से न केवल शारीरिक और मानसिक शुद्धि होती है, बल्कि व्यक्ति को जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति भी मिल सकती है। यह पर्व दान, तप और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, जिसके माध्यम से भक्त अपने जीवन को सुख-समृद्धि और शांति से भर सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें