पंचायत चुनाव में शराब के विरोध की मुहिम का असर दिखाई देना शुरू हो गया
है। इसी क्रम में गांव नान की महिलाओं ने भी शनिवार को पंचायत कर शराब
पिलाने वाले प्रत्याशियों को वोट नहीं देने का एलान किया है। साथ ही इस
आंदोलन को चलाने वाले लोगों का हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया।
शनिवार
को गांव नान में गोलावती के आवास पर महिलाओं की पंचायत हुई। जिसमें अखिल
भारतीय पंचायत संगठन के महामंत्री नानक चंद शर्मा द्वारा चलाई जा रही मुहिम
का समर्थन करते हुए पंचायत चुनाव में जो प्रत्याशी शराब पिलाकर वोट लेने
का मन बनाता है, उसका विरोध करने का निर्णय लिया गया।
महिलाओं ने
कहा कि जो लोग शराब बांटेंगे, उनका सामूहिक विरोध किया जाएगा। गांव के
महिलाएं ऐेसे प्रत्याशी को वोट नहीं देंगी। इस आंदोलन को चलाने वाले
व्यक्तियों का पूर्ण सहयोग किया जागएा।
गोलावती ने कहा कि पंचायत
चुनाव में लोग शराब पीकर आते हैं। घर में आकर महिलाओं से झगड़ा करते हैं।
जिसका असर परिवार के बच्चों पर पड़ता है। इसलिए यह निर्णय लिया गया है।
पंचायत
में क्रांति, प्रेमवती, रजनी, रामवती, पुष्पा, चंद्रवती, शकुंतला, अनीता,
मंजू देवी, विमला, कमला, गुड्डी, उर्मिला, राजवती, मिथलेश, कल्पना, निशा,
बबीता, विद्यावती, सुनीता, रानी, काजल, सुमन, मीना, कृष्णा, पूनम, सरोज,
लालवती, शशी, साधना, सविता आदि रहीं।
फ्री की शराब के चक्कर में मिलते हैं वोट
हापुड़।
गांवों में प्रधान पद के चुनाव लड़ने वाले ग्रामीणों को अपने पक्ष में
करने के लिए शराब पार्टियां करवाता है। वह फ्री में शराब पिलाकर एक तरह से
वोट खरीदने की कोशिश करता है। दूसरी ओर, फ्री की शराब मिलने पर अराजकतत्व
हावी हो जाते हैं। जिससे गांव को माहौल भी खराब होता है।