शहर की कानून व्यवस्था को मजबूत करने तथा अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए जिले में दो नए थाने खोले जाएंगे। इनमें से एक थाने के लिए एसपी ने डीएम को पत्र लिखकर भूमि मुहैया को कहा है जबकि एक अन्य थाने का प्रस्ताव भी प्रशासन की ओर से जल्द भेजा जाएगा।
दरअसल, हापुड़ को नया जिला बनाने के बाद करीब आधा दर्जन गांव मेरठ जिले से हटाकर हापुड़ में जोड़े दिए गए थे। इससे पहले ही लाइनपार का क्षेत्र काफी बड़ा था। उधर, लाइनपार के कई गांव असौड़ा, दोयमी, धनौरा, टयाला, सूदना वझीलपुर, खड़खड़ी आदि क्षेत्र देहात थाने में आते हैं
जबकि देहात थाना बाईपास पर स्थित है। जब भी कोई वारदात होती है इन गांवों में पुलिस को पहुंचने में काफी समय लग जाता है। हालांकि असौड़ा की पैठ पर साइलो चौकी देहात थाना क्षेत्र में पड़ती है लेकिन चौकी पर पर्याप्त पुलिस बल न होने के वारदात के बाद पुलिसकर्मी असहाय हो जाते हैं।
इसीलिए पुलिस मुख्यालय से लाइनपार एक थाना बनाने की स्वीकृति मिल चुकी है। अब इसके लिए एसपी ने डीएम को पत्र लिखकर भूमि मुहैया कराने का अनुरोध किया है। सीओ विशाल यादव ने इस संबंध में बताया कि जमीन आवंटित होते ही थाना निर्माण के लिए धन की मांग की जाएगी।
पुलिस का प्रयास है कि थाना सड़क के किनारे ही स्थापित किया जाए। उनका कहना है कि साइलो चौकी के पास पहले असौड़ा गांव की बचत की भूमि पर पशु पैठ लगती थी। अब यह पैठ कुछ दूरी पर एक अहाते में लगती है।
इसलिए उसी बचत की भूमि पर थाने बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सबकुछ ठीक रहा ता उस जमीन पर मल्टी स्टोरी थाना और आवास बनाए जा सकते हैं।
इस प्रस्तावित थाने में साइलो प्रथम, साइलो द्वितीय और केशवनगर और नगौला चौकी का क्षेत्र शामिल किया जाएगा। साइलो द्वितीय चौकी क्षेत्र को छोड़कर बाकी तीनों चौकियां फिलहाल कोतवाली हापुड़ क्षेत्र में आती हैं।
सीओ ने बताया कि वह एक प्रस्ताव जल्द उच्च अधिकारियों को यह भी भेजेंगे कि बाबूगढ़ थाना की मुदाफरा पुलिस चौकी, मेरठ जनपद के थाना खरखौदा की अतराड़ा चौकी और मेरठ जनपद के ही मुंडाली थाना क्षेत्र की साफियाबाद लौटी पुलिस चौकी को मिलाकर हापुड़ जिले का एक थाना और बना दिया जाए। इस प्रकार दो नए थाने हापुड़ जिले को मिलने से कानून व्यवस्था बनाये रखने में सहूलियत होगी।