रेप पीड़ित बच्ची के मेडिकल में लापरवाही होने के विरोध में व्यापार मंडल ने तहसील दिवस का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। गुस्साए व्यापारियों ने आरोपी चिकित्सकों को बर्खास्त न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
गढ़, चौपला और ब्रजघाट समेत क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से आए व्यापारी मंगलवार को अंबेडकर पार्क पर एकत्र हुए। सभी व्यापारी यहां से नगराध्यक्ष मूलचंद सिंघल के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए तहसील दिवस में पहुंचे और घेराव कर जमकर हंगामा किया।
इस मौके पर व्यापारी नेता मूलचंद सिंघल ने बताया कि 30 दिसंबर को गढ़ में कोतवाली के सामने (चार) मासूम बच्ची के साथ पड़ोसी युवक ने दुष्कर्म किया था। स्थानीय अस्पताल में महिला चिकित्सक न होने पर पीड़ित बच्ची को मेडिकल जांच के लिए हापुड़ भेजा गया था।
जहां कई घंटों तक इंतजार करने के बाद उसे पिलखुवा और फिर वहां से हापुड़ भेजा गया। यहां से फिर बच्ची को उसके परिजनों के साथ मेरठ के अस्पताल भेजा गया था। जहां देर रात में 12 बजे के बाद मेडिकल जांच संभव हो पाई थी।
अमल गोयल, कमलेश शर्मा, संजीव अरोरा, गीता अग्रवाल, मिथलेश चौधरी, कौशल, नवनीत गर्ग, दिनेश गर्ग, सोहित कुमार, ब्रजभूषण गुप्ता, गौरव त्यागी, मयूर गर्ग ने चेतावनी दी कि अगर इस मामले में लापरवाही करने वाले चिकित्सकों को अविलंब बर्खास्त नहीं किया गया, तो इसके विरोध में तहसील से लेकर जिला मुख्यालय तक बेमियादी आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।
अगर ऐसा हुआ है तो बेहद गंभीर संवेदनशील मामला है। जिसमें तत्काल जांच कराकर कोई भी सच्चाई सामने आने पर लापरवाही करने वाले चिकित्सकों पर सख्त कार्रवाई होगी। -डॉ.सुभाष चंद गुप्ता, सीएमओ