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करंट से तीन मजदूरों की मौत, तीन झुलसे

Tue, 08 Mar 2016 01:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
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करंट - फोटो : अमर उजाला
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प्रीत विहार फेज-दो में समाजवादी आवास योजना के तहत बनाए जा रहे मकानों के लेंटर के लिए मिक्सर लिफ्ट मशीन को शिफ्ट करते समय हाईटेंशन लाइन के करंट से सोमवार सुबह तीन दलित मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन झुलस गए। मरने वाले और घायल मजदूर बुलंदशहर के थे।
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सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अफसरों ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बुलंदशहर के थाना अरनिया क्षेत्र के गांव बलराऊ निवासी बाला पुत्र वेदीलाल (35), अनिल पुत्र मनवीर (26), मुंशी पुत्र नेत्रपाल (23), बिट्टू, भोले और मोहम्मद आजाद समेत 19 मजदूर दिल्ली रोड स्थित प्रीत विहार फेज-दो में एक ठेकेदार के अधीन काम कर रहे थे।

सभी मजदूर प्रतिदिन अपने गांव से यहां आकर काम करते थे और शाम को वापस चले जाते हैं। सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे छह मजदूर साइड से थोड़ा दूर खड़ी मिक्चर लिफ्ट मशीन को धक्का लगाकर नयी साइड पर ला रहे थे। बताया गया है कि इसी बीच ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन मिक्चर लिफ्ट मशीन से निकल रहे दो गाटर से टच हो गई।
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करंट लगने से अनिल, बाला और मुंशी की मौत हो गई। अन्य तीन मजदूरों को सरस्वती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत में बिट्टे और भोले की को दिल्ली के लिए रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

पुलिस अधीक्षक डा.ओपी सिंह, सीओ सिटी विशाल यादव, एसडीएम सदर शमशाद हुसैन, एसएचओ राजेश कुमार वर्मा, पिलखुवा सीओ राकेश पांडेय और पिलखुवा एसओ विनोद पांडेय घटनास्थल का मुआयना किया। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ठेकेदार की लापरवाही सामने आने पर उसके खिलाफ रिपोट दर्ज कराई जाएगी।

एसएचओ राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि प्रीत विहार फेस-दो में मजदूरों की करंट की चपेट में आने से हुई मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है। बलराऊ निवासी विजय कुमार ने एचपीडीए, विद्युत निगम और ठेकेदार की लापरवाही की शिकायत की है। 337, 338 और 304 (ए) में मामला दर्ज किया गया है।

ट्रैक्टर मिल जाता तो नहीं होता हादसा
कोतवाली क्षेत्र की प्रीत विहार फेज-दो में समाजवादी आवास योजना में काम कर रहे तीन दलित मजदूरों की मौत के पीछे ठेकेदार और बिजली निगम के अफसरों की लापरवाही सामने आ रही है। यदि मजदूरों को ठेकेदार ट्रैक्टर मुहैया करा देता तो तीनों की जान बच जाती।

पिछले डेढ़ से बुलंदशहर के थाना अरनिया के गांव बलराऊ निवासी बिट्टू, भोले, बाला, मुंशी, मोहम्मद आजाद और अनिल सहित 19 मजदूर एक छोटे हाथी में प्रतिदिन अप और डाउन करते हैं। काफी दिनों से डिप्लोमा इंजीनियरों की हड़ताल होने के कारण साइट पर काम बंद चल रहा था।

इस कारण मजदूर हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहे थे। सोमवार सुबह जब मजदूर साइट पर आए तो उन्होंने मिक्चर लिफ्ट मशीन को अपनी साइट में शिफ्ट करने का प्रयास किया, लेकिन ट्रैक्टर वहां नहीं देखकर उन्होंने ठेकेदार को इस संबंध में जानकारी दी। ठेकेदार ने बिना ट्रैक्टर के ही मशीन को शिफ्ट करने की बात कही। इस पर मजदूर धक्का मारकर मशीन को ला रहे थे।

डीएम ने ठेकेदार के खिलाफ दिए रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश
मजदूरों की मौत पर डीएम ने ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने के लिए शासन को जिला प्रशासन रिपोर्ट भी भेजेगा। डीएम अनिल ढींगरा ने बताया कि मृतकों को दो-दो लाख और घायलों को 1-1 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि मृतक बालकिशन और मुंशीलाल की बुलंदशहर के खुर्जा में जमीन है। इन्हें कृषि दुर्घटना बीमा योजना के तहत लाभ लिया जाएगा। घायलों और मृतकों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता राशि दिलाने को शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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