हापुड़ व पिलखुवा कोतवाली पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर पिलखुवा क्षेत्र के गांव दहपा हिम्मतनगर आजमपुर में 14 मई की रात दो घरों में डकैती व तीन लोगों की हत्या के मामले का खुलासा करने का दावा किया है।
पुलिस का कहना है कि पकड़े गए तीनों बदमाश बावरिया गिरोह के हैं। मालूम हो कि बावरिया गिरोह के दो बदमाशों को बुलंदशहर पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अब एक बदमाश फरार चल रहा है। उधर, एसपी ने बदमाशों को गिरफ्तार करने वाली टीम को पांच हजार रुपये ईनाम देने की घोषणा की है।
एसपी अलंकृता सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 14 मई की रात दहपा हिम्मतनगर आजमपुर के दो मकानों में आधा दर्जन बदमाशों ने डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। इस दौरान डकैतों ने दो महिला सहित तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस वारदात के बाद मेरठ जोन के आईजी, डीआईजी ने तेज तर्रार अफसरों की टीमों को लगाया था। 12 जून को बुलंदशहर पुलिस ने बावरिया गिरोह के दो बदमाश को गिरफ्तार कर दहपा कांड का खुलासा किया था।
उन्होंने बताया कि रविवार की रात कोतवाली व पिलखुवा पुलिस को सूचना मिली कि हत्यायुक्त डकैती कांड के आरोपी निजामपुर और सरावा चौराहे पर किसी वारदात को अंजाम देने के लिए खड़े हैं। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर तीन बदमाशों को धर दबोचा।
इनके नाम प्रदीप, रितू और पूजा उर्फ कृष्ण निवासी हैदरनगर थाना कोतवाली हापुड़ है। प्रदीप के पास से पुलिस को दहपा कांड में लूटे गए 67 सौ रुपये, रितू से 83 सौ रुपये, मोबाइल फोन व आधार कार्ड आदि बरामद हुए हैं।
पूजा उर्फ कृष्ण से एक तमंचा व दो कारतूस बरामद किया गया है। इसके अलावा बावरिया गिरोह के सदस्यों से हत्या में प्रयुक्त डंडों को भी बरामद कर लिया गया है। एसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों ने कई थाना क्षेत्रों में कई संगीन वारदातों को अंजाम दिया है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र राठौर ने बताया कि डकैती और हत्याकांड को बावरिया गैंग के छह लोगों ने मिलकर अंजाम दिया था। पांच बदमाशों को अब तक पकड़ा जा चुका है। गैंग का एक अन्य सदस्य पुष्पेंद्र अभी फरार है,
उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, कोतवाल यशवीर सिंह का कहना है कि फरार सदस्य की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
मालूम हो कि दहपा कांड में बदमाशों द्वारा मारे गए तीनों मृतकों और घायलों के परिजनों को 21 लाख रुपये की आर्थिक मदद शासन से मिली थी। शासन द्वारा मृतकों और घायलों के परिजनों को आर्थिक मदद उपलब्ध हो चुकी है।
मृतक मंजूर, फरजाना और रेशमा के परिजनों को शासन द्वारा पांच पांच लाख रुपये और घायल गुलनाज, तैय्यब, आरिफ को दो दो लाख रुपये की आर्थिक मदद मिली थी।
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