एंटी करप्शन की टीम ने सोमवार दोपहर सपनावत चौकी इंचार्ज सत्यबीर सिंह को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। दरोगा ने पारपा गांव के पूर्व प्रधान से जानलेवा हमले के मामले में दो नामजद आरोपियों के नाम निकालने के लिए 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
टीम ने दरोगा से रिश्वत में लिए गए 20 हजार रुपये की नकदी बरामद की है। एंटी करप्शन की टीम दरोगा को हिरासत में लेकर थाना धौलाना ले गई, जहां उससे पूछताछ हो रही है।
जानकारी के मुताबिक 10 जनवरी को थाना धौलाना के ग्राम पारपा में वर्तमान प्रधान और पूर्व प्रधान गुट में विवाद हो गया था। दोनों पक्षों के लोगों ने एक दूसरे के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
वर्तमान प्रधान विकास पक्ष ने पूर्व प्रधान रामेश्वर के पुत्र दीपक व भतीजे भूपेंद्र को नामजद कराया था। मामले में पुत्र व भतीजे को गलत तरीके से नामजद कराने की शिकायत पूर्व प्रधान ने एसपी हापुड़ और सीओ पिलखुवा से कर मामले की जांच कराने की गुहार लगाई थी।
बाद में सपनावत चौकी इंचार्ज सत्यबीर सिंह ने पूर्व प्रधान से दोनों के नाम निकालने के लिए एक लाख रुपये रिश्वत मांगी। पूर्व प्रधान ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन की टीम को कर दी। इसके बाद उसने चौकी इंचार्ज से सौदा किया और 40 हजार रुपये पर बात पक्की कर ली।
सोमवार दोपहर 12 बजे पूर्व प्रधान रामेश्वर चौकी पहुंचे और 10 में से 20 हजार रुपये चौकी इंचार्ज सत्यबीर सिंह को दिए। वहीं, घात लगाए बैठी एंटी करप्शन की टीम ने तुरंत चौकी पर दबिश देकर दरोगा को रंगे हाथ पकड़ लिया।
टीम दरोगा को पकड़कर धौलाना थाने लेकर आ गई। टीम ने थानाध्यक्ष धौलाना के सामने तलाशी लेकर दरोगा से रिश्वत में ली गई 20 हजार रुपये की नगदी बरामद की।
एंटी करप्शन के सीओ एसके सिंह ने बताया कि पूर्व प्रधान की शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन मेरठ की टीम ने दबिश देकर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सपनावत चौकी इंचार्ज सत्यबीर सिंह को पकड़ा है। जांच कर कार्रवाई की जा रही है।
सपनावत चौकी इंचार्ज सत्यबीर सिंह पिलखुवा कोतवाली में भी एसएसआई तैनात रहे थे। यहां करीब आठ महीने तक वह रहे थे। इसके बाद सत्यबीर सिंह का स्थानांतरण हो गया था और उन्हें सपनावत चौकी इंचार्ज बना दिया गया था।