महिला की हत्या के मामले में 24 घंटे बाद भी पोस्टमार्टम नहीं होने पर भड़के ग्रामीणों ने शनिवार सुबह एसपी के कैंप कार्यालय में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। सूचना पर पहुंची तीन थानों की पुलिस ने किसी तरह ग्रामीणों को समझाकर हालात संभाले।
एडिशनल एसपी ने ग्रामीणों को दो घंटे में पोस्टमार्टम कराने का आश्वासन देकर शांत किया। मेरठ रोड स्थित एसपी कैंप के कार्यालय पर सुबह करीब पौने नौ बजे ग्रामीण पहुंच गए थे। करीब डेढ़ घंटे तक ग्रामीण कैंप कार्यालय पर कब्जा जमाए रहे।
कैंप कार्यालय में तोड़फोड़ के समय भीड़ को सीओ सिटी विशाल यादव विनती कर मनाने में लगे रहे। सीओ ने पुलिस कार्रवाई को लेकर भी ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वह उनके साथ है और वह ग्रामीणों के साथ पोस्टमार्टम कराने के लिए चलते हैं।
पुलिस की लापरवाही से ग्रामीण महिलाओं में इतना आक्रोश था कि उन्होंने कैंप कार्यालय पर खड़ी पुलिस फोर्स से यहां तक कह डाला कि वह वर्दी छोड़कर साड़ी पहन लें। कैंप कार्यालय पर तोड़फोड़ के बाद पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है।
कार्यालय के बाहर हुई तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने वहां साफ करा दिया , जिससे एसपी के आने पर सब कुछ साफ मिले। कैंप कार्यालय में घुसी महिलाओं को देखकर कार्यालय में बैठे सिपाही को देखकर महिलाओं का पारा चढ़ गया। कर्मचारियों ने हाथ जोड़कर कहा कि माता जी मैं तो कार्यालय में काम करता हूं। थाने से मेरा कोई मतलब नहीं है।
कैंप कार्यालय पर हुए हंगामे के दौरान मृतका की मां व ननद का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार बेहोश होकर गिर रहीं थी। उन्हें महिलाएं संभालने में लगी थी। इस दौरान मृतका का भाई भी बेहोश हो गया था।
पति ने हत्या की तहरीर दी थी। उसी के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पति की तहरीर फाड़कर पुलिस की मर्जी से तहरीर लिखवाने की शिकायत पर उन्होंने कहा कि यह शिकायत जानकारी में नहीं है। अगर पति के तहरीर में रेप का आरोप रहता तो धारा 376 और बढ़ा दी जाती। - अलंकृता सिंह, पुलिस अधीक्षक।