नेशनल हाईवे किनारे से अगवा करने के बाद विधवा से कुकर्म करने वाले आरोपियों ने मुंह बंद न रखने पर उसे जान से मारने की धमकी दी है। पीड़िता ने एसपी और आईजी से न्याय गुहार लगाई।
मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र में रहने वाली एक महिला पति की मौत होने के बाद से मेहनत मजदूरी कर अपने बच्चों का गुजर बसर कर रही है। विधवा ने बताया कि वह 8 मई की रात में करीब 12 बजे गढ़ स्याना चौपला पर हाईवे किनारे सवारी की बाट जोह रही थी।
इसी बीच तीन युवक वहां आ गए और मुंह दबोचकर उसे अगवा कर सुनसान जंगल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। सुबह चार बजे आरोपियों के चुगुल से छूटने के बाद उसने सूचना देकर पुलिस को बुलाया।
लेकिन पुलिस ने आरोपियों से पांच हजार का मुआवजा दिलाने के बाद इस संगीन मामले को किसी भी कार्रवाई के बिना वहीं रफादफा कर दिया था। पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद तबियत बिगड़ने पर वह रिश्तेदारी में चली गई थी।
वहां से वापस लौटकर वह 17 मई को आरोपियों के घर शिकायत करने जा रही थी। इस दौरान आरोपी रास्ते में उससे मिल गए , और मुंह बंद न रखने पर जान से मारने की धमकी देकर उसे वापस खदेड़ दिया।
पीड़िता का आरोप है कि वह कोतवाली में शिकायत लेकर पहुंची तो पुलिस वाले कोई सुनवाई करने की बजाए उसकी तहरीर छीनकर फाड़ दिए।
इंस्पेक्टर समरजीत सिंह का कहना है कि पुलिस पर लगाया जा रहा आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है, लेकिन फिर भी तहरीर के आधार पर मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।