पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के गांव बझैड़ा से तीन दिन पूर्व मंदिर से पशु चोरी हो गया था। मंगलवार को इसकी खाल पड़ोस के गांव मदापुर के एक खेत में मिली। इससे गुस्साएं लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। दोनों संप्रदायों के लोगों के आमने-सामने आ जाने से वहां तनाव फैल गया।
पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने गांव पहुंचकर हालात को संभाला। तनाव के चलते गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया है। अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बझैड़ा स्थित एक मंदिर में पुजारी सुभाष ने पशु पाल पाल रखे हैं।
तीन दिन पूर्व मंदिर से एक पशु चोरी कर लिया गया था। मंगलवार को मदापुर निवासी एक व्यक्ति के खेत में चोरी किए गए प्रतिबंधित पशु की खाल पड़ी मिली। इस पर बझैड़ा के सैकड़ों ग्रामीण खाल के पास खेत में पहुंच गए। तभी मदापुर गांव के दूसरे समुदाय के लोग भी लाठी और तलवार लेकर आ गए।
जिससे दोनों पक्षों में टकराव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पिलखुवा पुलिस को मौके पर पहुंची। दोनों समुदाय के आमने-सामने आने की सूचना पर एसडीएम धौलाना एसपी सिंह, सीओ पिलखुवा शैलेंद्र राठौर भी पुलिस बल के साथ आ गए।
अधिकारियों ने दोनों पक्षों के लोगों को समझाकर शांत किया। बझैड़ा के ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। खाल को पुलिस ने जमीन में दबवा दिया है। एसएचओ पिलखुवा यशवीर सिंह का कहना है कि तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया है।
हंगामा करने वालों में पप्पू, श्याम सुंदर, मामचंद, संजय, विक्की, राजपाल, भूपेंद्र, बिजेंद्र, धर्मवीर, आकाश, विनय आदि मौजूद रहे।