ब्रजघाट में बुधवार को सरेबाजार ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाले सपा नेता व उनके दो निजी सुरक्षा कर्मियों को आज जेल भेज दिया गया। उधर, पार्टी नेताओं ने इस मामले में कन्नी काट ली है।
सपा जिलाध्यक्ष किशन सिंह तोमर, जिला महासचिव साजिद चौधरी, विधानसभा क्षेत्राध्यक्ष फारूख प्रधान, पिछड़ा वर्ग जिलाध्यक्ष कृष्णवीर सिंह गब्बर का कहना है कि वर्तमान में संजीव यादव का सपा संगठन से कोई भी वास्ता नहीं है।
कृषि भूमि के सौदे और पैसों के लेनदेन को लेकर बुधवार की दोपहर ब्रजघाट गंगानगरी के साप्ताहिक पैठ बाजार में गढ़ के सपा के पूर्व जिला सचिव संजीव यादव और नैनापुर निवासी विकास यादव के बीच कहासुनी हो गई थी,
जिस पर सपा नेता के निजी गार्ड सुनील निवासी हाथरस और सतेंद्र निवासी एटा ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इससे सड़कों पर भगदड़ मच गई थी और दहशत फैलने पर कई व्यापारी अपनी दुकानों को खुली छोड़कर इधर उधर जा छिपे थे।
इस घटना से गुस्साए लोगों ने सपा नेता और उसके गार्डों की जमकर धुनाई कर उन्हें सड़कों पर दौड़ा लिया था, जिन्हें एक घर में छुपकर अपनी जान बचानी पड़ी थी।
बाद में विकास यादव की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी सपा नेता समेत उसके दोनों निजी गार्डों के खिलाफ हत्या की कोशिश और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैलाने का केस दर्ज कर लिया है।
आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गढ़ की अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में डासना जेल भेज दिया गया।