जिले की सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए प्रशिक्षु सिपाही व दरोगा हापुड़ में चौराहों पर ड्यूटी कर रहे हैं। परिपक्वता की कमी के चलते ये सिपाही आए दिन लोगों से उलझते रहते हैं, जिससे हंगामे जैसे हालात पैदा हो जाते है। वहीं, पूरे मामले की जानकारी से अधिकारी अंजान बने हुए हैं।
जिले में लगभग 300 सिपाही व दरोगा प्रशिक्षण के लिए आए हुए हैं। जिन्हें अलग-अलग थानों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाया गया है। साथ ही इन पुलिस कर्मियों को चौराहों पर भी यातायात व्यवस्था के लिए लगाया हुआ है। इन पुलिस कर्मियों में परिपक्वता की कमी साफ दिखाई देती है।
चौराहों पर तैनात ये सिपाही आए दिन वाहन चालकों से उलझते हैं। कई बार ये बाइक या अन्य वाहन में डंडा भी मार देते हैं, जिसके चलते मारपीट की नौबत आ जाती है।
इतना ही नहीं ये पुलिस कर्मी दुकान पर सामान खरीदने के दौरान भी वर्दी की धौंस दे देते हैं।
दो दिन पूर्व भी तहसील चौराहे पर एक रेस्टोरेंट पर भी सिपाहियों ने खाने के रुपये मांगने पर अभद्रता की थी। लोगों के हस्तक्षेप के चलते मामला शांत हुआ। वहीं, अधिकारी पूरे प्रकरण से अंजान बने रहते हैं।
सीओ विशाल यादव का कहना है कि ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। कोई लिखित शिकायत आती है तो संबधित पुलिस कर्मी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।