कार समेत अपहृत विदेश मंत्रालय के पूर्व प्रोटोकॉल अफसर का चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं लगा है। साथ ही अभी तक मामले की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं हुई है। पुलिस अभी भी जनपदीय सीमा विवाद में उलझी हुई है। वहीं, परिजन किसी अनिष्ट की आशंका से सहमे हुए हैं।
विदेश मंत्रालय के पूर्व प्रोटोकॉल अफसर डीएस वर्मा का अपहरण हुए चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन उनकी बरामदगी और सुरागरसी तो दूर अभी तक रिपोर्ट तक दर्ज नहीं हुई है। पुलिस जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर मामले को जनपदीय सीमा विवाद में उलझाकर एक-दूसरे के पाले में धकेलने की कवायद में जुटी हुई है।
रविवार को इंस्पेक्टर समरजीत सिंह पुलिस को साथ लेकर मेरठ के गांव मिस्रीपुर में कृष्ण गिरि और नयागांव इनायतपुर में नौकर सुनील के घर पहुंचे, जिन्होंने ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों से पूछताछ किया।
पूछताछ के बाद उन्होंने पूर्व प्रोटोकॉल अफसर से जुड़े घटनाक्रम को जनपद मेरठ से जुड़ा होने का दावा कर परिजनों से किठौर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है। वहीं, डीएस वर्मा के बेटे ध्रुव ने बताया कि कि उनके पिता ने सेवा में रहते देश की सेवा और आज उनके अपहरण की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं हो रही है।
ध्रुव की माने तो मौके के दोनों गवाह भी बुरी तरह सहमे हुए हैं। वहीं, ढीएसपी सतीश चंद्र पांडेय ने बताया कि जांच में पता चला कि पूर्व प्रोटोकॉल अफसर मिस्रीपुर गांव में अपने परिचित को छोड़ने गए थे और तीन युवकों के साथ वापस आ रहे थे। घटना मेरठ क्षेत्र में हुई है, जांच वहीं की पुलिस करेगी।