बागपत में तैनात दरोगा सुखबीर सिंह यादव की हत्या के दो दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है। हालांकि इस दौरान पुलिस टीम ने कई संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा।
वहीं, जानकारी मिली है कि इस हत्याकांड का खुलासा करने के लिए खरखौदा और मोदीनगर पुलिस से मदद मांगी गई। साथ ही मोदीनगर रोड पर बाइक सवार लोगों को लूटने की घटना करने वाले गिरोह की भी तलाश हो रही है।
दरोगा सुखबीर सिंह यादव बृहस्पतिवार की रात मोदीनगर रोड पर बिजलीघर व केशवनगर चौकी के बीच बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद तेज तर्रार थानेदारों की दो टीम गठित कर दरोगा के हत्यारोपियों की तलाश की जा रही है,
लेकिन अभी तक पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली है। इस बारे में एएसपी राम नयन यादव का कहना है कि जब तक किसी की गिरफ्तारी न हो जाए, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। साथ ही बताया कि पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है तथा अनेक स्थानों पर छापे मार जा चुकी है।
उधर, इस बात की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि मोदीनगर रोड बाइक सवारों से लूट की घटना करने वाले गैंग ने पहले की तरह बाइक सवार को लूटने के प्रयास में दरोगा की बाइक को रोकने का प्रयास किया हो।
लेकिन दरोगा के बावर्दी होने तथा बाइक नहीं रोकने पर पुलिस को सूचना दिये जाने के भय से बदमाश पीछा कर दरोगा को गोली मारकर फरार हो गये हों। उल्लेखनीय है कि घटनास्थल से आगे मोदीनगर रोड पर हापुड़ कोतवाली की नगौला पुलिस चौकी पड़ती है।
यह पुलिस चौकी पहले मेरठ जिले के खरखौदा थाना क्षेत्र में पड़ती थी जो कुछ समय पहले ही हापुड़ कोतवाली क्षेत्र में शामिल की गई है। इस चौकी क्षेत्र में अक्सर रात्रि में बाइक सवार लोगों से लूट की वारदात होती रहती हैं।
अब हापुड़ पुलिस खरखौदा पुलिस से संपर्क कर यह जानकारी करने का प्रयास कर रही है कि नगौला पुलिस चौकी क्षेत्र में बाइक सवारों से लूटपाट करने वाला कोई गैंग उनके यहां से पिछले एक दो साल में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया या नहीं।
उधर, यह भी माना जाता है कि मोदीनगर के बदमाश नगौला चौकी क्षेत्र में वारदात कर फरार हो जाते हैं, इसलिए वहां की पुलिस से भी सहयोग मांगा गया है।