पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले में छत पर सो रही किशोरी के साथ दुष्कर्म व पुलिस में शिकायत करने पर उसके चेहरे पर तेजाब डालने की धमकी देने के एक मामले में एडीजे कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई है। दोषी पर 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
साथ ही विधिक सेवा प्राधिकरण से दो लाख रुपये की आर्थिक मदद पीड़िता को दिलाने का आदेश दिया है। शासकीय अधिवक्ता राकेश तोमर ने बताया कि 11 सितंबर 2014 को पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी 10 वर्षीय किशोरी छत पर सो रही थी।
तभी पड़ोसी युवक इसामुद्दीन उसकी छत पर आ गया। उसने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। किशोरी ने शोर मचाया तो परिजन छत की ओर भागे। तब तक आरोपी कूदकर भाग गया। इसके बाद आरोपी के परिजन किशोरी के घर पहुंचे और शिकायत करने पर तेजाब डालने की धमकी दी।
इसके बाद परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने 12 मई को रिपोर्ट दर्ज कर ली। जिसके बाद मामला एडीजे कोर्ट में विचारधीन चल रहा था। शनिवार को एडीजे अमरजीत त्रिपाठी की कोर्ट ने मामले में सजा सुनाई।
शासकीय अधिवक्ता राकेश तोमर ने बताया कि इसामुद्दीन को दुष्कर्म के मामले में दोषी पाया गया है। कोर्ट ने उसे दस वर्ष की सजा व 45 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी जेल में बंद है। वहीं पीड़िता को दो लाख रुपये की मदद विधिक सेवा प्राधिकरण से दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।