देहात क्षेत्र के गांव ट्याला में भारत गैस के गोदाम पर सोमवार दोपहर 8 हजार रुपये की लूट हुई थी। पुलिस इस घटना को दबा गई थी। अगर पुलिस इसको नहीं दबाती तो शायद मंगलवार को वहां शराब के ठेके पर लूटपाट और कैंटीन संचालक रमेश की हत्या को टाला जा सकता था।
पुलिस ने बदमाशों को दबोचने से ज्यादा ताकत घटना को लगाई थी। पुलिस की पुरानी चाल है कि अपराध को दर्ज मत करो, ताकि अफसर की नजर में तेज तर्रार एसओ बने रहें।
इसी चक्कर में हापुड़ देहात के थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज लवानिया मंगलवार को भी यही कहते रहे कि सोमवार को ट्याला में गैस गोदाम पर लूट नहीं हुई थी। उक्त वारदात को दर्ज नहीं करने का ही नतीजा है कि मंगलवार को फिर से बदमाशों ने उसी क्षेत्र में दिनदहाड़े लूट और हत्या की घटना को अंजाम दिया।
सूत्रों की माने तो सोमवार को महेन्द्र गैस गोदाम पर तीन बदमाश अपाचे बाइक पर सवार होकर पहुंचे थे, जिनमें से दो के हाथों में तमंचे थे। बदमाशों ने वहां शफीपुर निवासी सूरजपाल की कनपटी पर तमंचा लगाकर उसके पास से 8 हजार रुपये लूट लिए और फरार हो गए।
इसकी सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस दो घंटे बाद मौके पर पहुंची और किसी से जिक्र नहीं करने की हिदायत देकर लौट गई। इसके पुलिस की सरगर्मी नहीं बढ़ने का नतीजा है कि मंगलवार को बदमाशों ने बेखौफ होकर इसी गांव में दिनदहाड़े लूट और हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया।
पुलिस अधीक्षक हेमन्त कुटियाल का कहना है कि सोमवार को ट्याला में गैस गोदाम पर लूट की पुष्टि किसी ने नहीं की थी। तीन बार चौकी इंचार्ज वहां गया था। इतना जरूर है कि सोमवार को भी उस क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों को मूवमेंट था।
इससे पहले बाइक सवार तीन बदमाश तमंचों के बल पर धौलाना, हापुड़ देहात में ही इंडेन गैस, बाबूगढ़ में भारत गैस और ट्याला में भी भारत गैस के गोदाम को तथा भोजपुर गाजियाबाद में भी एक गैस गोदाम को अपना निशाना बना चुके हैं।