अनियंत्रित ट्रक की टक्कर से राजस्थान से नैनीताल पिकनिक मनाने जा रहे कार सवार एक ही परिवार के पांच लोग घायल हो गए। राहगीरों की मदद से पुलिस ने घायलों को सिंभावली पीएचसी पहुंचाया।
यहां करीब घंटे भर तक घायल तड़पते रहे, लेकिन प्राथमिक इलाज तक नहीं मिल सका। अंतत: पुलिस घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया। शनिवार सुबह करीब छह बजे एक ट्रक डस्ट लेकर जा रहा था।
सिंभावली थाने के सामने अचानक एक ट्रैक्टर आ गया। इसे बचाने की कोशिश में अनियंत्रित हुए ट्रक ने ट्रैक्टर को साइड मारने के बाद रांग साइड में जाकर दिल्ली की तरफ से आ रही लग्जरी कार को टक्कर मार दी।
हादसे में ट्रैक्टर सड़क पर पलट गया, जबकि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार में बैठे एक ही परिवार के विकास, स्नेहा, कोमल, सोनू और चालक गौतम गंभीर रूप में घायल हो गए। यह सभी लोग राजस्थान के कोटा शहर से नैनीताल पिकनिक मनाने जा रहे थे।
मौके पर पहुंची पुलिस ने कार, ट्रक और ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया, जबकि दोनों वाहनों के चालक भाग निकले। एसओ ने बताया कि फिलहाल मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पीड़ित पक्ष से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी अस्पतालों में किस तरह की अराजकता है, इसका उदाहरण शनिवार सुबह सिंभावली पीएचसी में देखने को मिला। घायलों को लेकर पुलिस जब करीब 6.15 बजे पीएचसी पहुंची तो वहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था।
अस्पताल कर्मियों ने बताया कि डॉक्टर साहब भोर में ही अपने घर चले गए। अस्पताल में मौजूद कर्मचारी मदन मोहन शर्मा ने डॉक्टर न होने का हवाला देते हुए प्राथमिक उपचार करने से भी इंकार कर दिया। पुलिस के बार-बार दबाव बनाने के बावजूद न तो कोई चिकित्सक आया और न ही अस्पताल कर्मियों ने उपचार शुरू किया।
सिंभावली पीएचसी के बाहर एंबुलेंस में पांच घायल दर्द से करीब सवा घंटे तक कराहते रहे। पुलिस ने घायलों की हालत बिगड़ी देख करीब साढ़े सात बजे उन्हें हापुड़ के लिए रवाना किया। एंबुलेंस करीब आठ बजे हापुड़ में जिला अस्पताल पहुंची। इसके बाद घायलों का इलाज शुरू हो सका।
ड्यूटी कर रहे चिकित्सक को सुबह 8 बजे तक अस्पताल में रहना था, लेकिन वह सुबह चार बजे ही गाजियाबाद स्थित अपने घर को चले गए थे। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर सीएमओ को रिपोर्ट भेजी जाएगी। डॉ. दिनेश भारती, पीएचसी इंचार्ज
मामले की जांच कराई जा रही है। इसमें डॉक्टर की लापरवाही सामने आने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डॉ. एके सिंह, सीएमओ