हरसिंहपुर गांव में रविवार सुबह एक छप्परनुमा मकान में मिट्टी के तेल की डिबिया से लगी आग में झुलसकर डेढ़ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। दो बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए।
परिवार बेहद गरीब होने के कारण ग्रामीणों ने चंदा कर झुलसे बच्चों का इलाज कराया। हाफिजपुर थाना क्षेत्र के हरसिंहपुर गांव निवासी गिरीश प्रजापति मेहनत मजदूरी करता है।
गांव के बीच उसने छप्परनुमा मकान बनाया हुआ है। गिरीश सुबह करीब पांच बजे घेर में पशुओं को चारा डालने गया था और पत्नी मुनेश खेत पर गई हुई थी। उसके चार बच्चे दिपांशी (5), वंश (4), हिमांशी (3) और डेढ़ वर्षीय अंश कमरे में सो रहे थे।
हालांकि दिपांशी मां के जाने पर उठ गई थी। तीन बच्चे सो रहे थे। अचानक मिट्टी के तेल की डिबिया पलट गई और कपड़ों ने आग पकड़ ली। कुछ ही देर में आग ने छत पर रखे पुआल को चपेट में ले लिया।
धुआं निकलता देखकर आसपास के लोगों ने शोर मचाया और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। आग से वंश, हिमांशी और अंश गंभीर रूप से झुलस गए। जिन्हें ग्रामीणों ने पास के एक डॉक्टर को दिखाया।
अंश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वंश और हिमानी का प्राथमिक उपचार कराया गया। सूचना पर एसओ हाफिजपुर नरेंद्र कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे।