काली नदी को जनपद के 24 गंदे नाले दूषित कर रहे हैं। प्रशासन ने नगर निकायों से गंदे नालों को चिह्नित कराकर कार्ययोजना तैयार कर ली है।
जिला प्रशासन ने इसकी जिम्मेदारी नगर निकाय, सिंचाई विभाग और आवास विकास परिषद के अफसरों को दी है। काली नदी में आवास विकास कालोनी, इस्लामाबाद, ऊपरकोट समेत जनपद भर के 24 नालों से गंदा पानी गिराया जा रहा है।
24 नालों से यहां हर रोज हजारों गैलन दूषित पानी काली नदी में गिराया जाता है। गंदा पानी गिरने से काली नदी बदसूरत हो चुकी है।
इसी के मद्देनजर नगर पालिका प्रशासन 107 करोड़ रुपये की लागत से शहर में सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट को अमृत योजना के तहत स्वीकृत करा चुका है।
नगर पालिका बुलंदशहर ने सीवरेज और मिनी सीवरेज के स्थान चिह्नित कर लिए हैं। आवास विकास परिषद को अपनी कालोनियों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करनी होगी। सिंचाई विभाग गंदे नालों को काली नदी में गिरने से रोकेगा।
कली नदी को गंदे पानी से बचाने के लिए कार्य योजना बना ली गई है। नगर निकायों की जिम्मेदारी अहम है। जल्द ही गंदे नालों को काली नदी में गिरने से रोकने के लिए काम शुरू किया जाएगा।- बी. चंद्रकला , डीएम
जनपद में 24 गंदे नाले चिह्नित किए गए हैं,जहां से शहरों का गंदा पानी काली नदी में डाला जाता है। जल्द ही गंदे नाले बंद किए जाएंगे। -आरके सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व