सिंभावली रेलवे स्टेशन पर सोमवार को गांव वैठ को नाजिम को गोली गैंगवार के चक्कर में मारी थी। नाजिम को उसके ही तीनों दोस्तों ने स्टेशन पर बुलाया था। नाजिम और उसके तीनों दोस्त असलम चक्कू गैंग के सदस्य हैं।
नाजिम एक सप्ताह पहले ही जेल से छूटकर आया है। जीआरपी ने गोली मारने वाले दो दोस्तों दबोच लिया है और उनसे घटना की जानकारी करने में लगी है।
सोमवार को सिंभावली रेलवे स्टेशन पर गैंगवार की पुरानी रजिंश में सिंभावली क्षेत्र के वैठ गांव निवासी अब्बास खां के बेटे नाजिम को उसके ही पुराने दोस्त ने गोली मार दी थी। गोली चलते ही स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई थी।
जीआरपी ने घायल नाजिम को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसे हापुड़ रेफर किया। नाजिम के पिता अब्बास ने जीआरपी थाने में जुबैर पुत्र कलुवा निवासी थाना गढ़ गांव सरुरपुर के विरुद्ध हत्या की कोशिश की रिपोर्ट लिखाई थी।
जीआरपी इंचार्ज इंद्रजीत सिंह ने बताया कि जांच पता चला है कि गैंगवार की पुरानी रंजिश में जुबैर ने अपने दो दोस्तों वैट निवासी खालिद पुत्र गफ्फार और जावेद पुत्र फारुख के साथ मिलकर नाजिम को बहाने से स्टेशन पर बुलाया था।
वहां पर कहासुनी के बीच नाजिम को गोली मार दी थी। जीआरपी इंचार्ज ने बताया है कि मंगलवार को प्रभारी सोमवीर सिंह और एसओ सिंभावली ने जावेद और खालिद को दबोच लिया। जुबैर, जावेद, खालिद और नाजिम असलम चक्कू गैंग के सदस्य हैं।
नाजिम को हापुड़ पुलिस कई संगीन मामलों में जेल भेज चुकी है। वह एक सप्ताह पहले ही जेल से छुटकर आया था। पुरानी रंजिश में गोली मारी गई है, उसके लिए पूछताछ की जा रही है।
वहीं असलम चक्कू अपने गैंग के सदस्यों के साथ नोएडा और दिल्ली जेल काट चुका है, इस समय भागा हुआ है।