पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पति को उम्रकैद और एक लाख रुपये का अर्थदंड दिया है। कोर्ट ने दहेज की मांग के मामले में पति को बरी कर दिया। अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि मृतका के पिता को दी जाएगी।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश तोमर ने बताया कि जिला मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी शहजाद ने अपनी बहन सोनी उर्फ अख्तरी का निकाह 2004 में पिलखुवा निवासी नौशाद अली से किया था। आरोप है कि शादी के बाद से ससुरालियों उसे एक लाख रुपये और बाइक देने के लिए प्रताड़ित करते थे।
जब वह दहेज की मांग का विरोध करती तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। छह जुलाई 2012 की सुबह ससुरालियों ने सोनी उर्फ अख्तरी पर केरोसिन उड़ेलकर आग लगा दी। जिसमें उसकी मौत हो गई।
मामले में शहजाद ने पति नौशाद अली, ससुर महमूद, सास शाहजहां, देवर शमशाद और दिलशाद के खिलाफ हत्या और दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। मामले में बृहस्पतिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार त्यागी ने सुनवाई करते हुए नौशाद अली को महिला की हत्या का दोषी पाया।
उसे आजीवन कारावास और एक लाख रुपये का अर्थदंड दिया। दहेज के मामले में उसे और सभी आरोपियों को बरी कर दिया। अर्थदंड में 80 फीसदी धनराशि मृतका के पिता को दी जाएगी और शेष कोर्ट में जमा की जाएगी। फैसला आने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।