बैंक कैशियर पर एसिड अटैक के दोषी भाई-बहन को बृहस्पतिवार को जिला जज की कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दो दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
शासकीय अधिवक्ता भाग सिंह भाटी ने बताया कि अनुज निवासी गोहरा आलमगीरपुर यूनियन बैंक में कैशियर के पद पर कार्यरत हैं। 15 जनवरी 2013 को उसके गांव के ही मुनेश पुत्र कमल सिंह ने कुछ लोगों का फर्जी तरीके से लोन करवाने की बात कही। जिस पर अनुज ने फर्जी लोन कराने से इंकार कर दिया।
आरोप था कि लोन से इंकार करने पर अनुज से मुनेश रंजिश मानने लगा। 20 जनवरी को वह अपने चाचा के यहां जा रहा था। तभी मुनेश ने अपनी बहन कविता के साथ मिलकर अनुज से बदला लेने की योजना बनाई। योजना अनुसार मुनेश ने अकेला पाकर उसे पकड़ लिया और कविता ने उस पर तेजाब डाल दिया।
उसकी एक आंख की रोशनी चली गई और चेहरा बुरी तरह झुलस गया। 29 अगस्त 2013 को एसपी के निर्देश पर बाबूगढ़ पुलिस ने कविता व मुनेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। तभी से मामला जिला न्यायाधीश की अदालत में विचारधीन था।