अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने साल 2003 में गढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव सादुल्लापुर लोधी में एक परचून की दुकान करने वाले से मारपीट करने में चार लोगों को 4-4 साल की सजा और 12-12 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश तोमर और सीएस यादव ने बताया कि गांव सादुल्लापुर लोधी निवासी गौधा सिंह परचून की दुकान करता है। 29 नवंबर 2003 की शराम करीब साढ़े छह बजे वह अपनी दुकान पर बैठा था। तभी गांव के ही धर्मवीर, महक सिंह, मुन्नू और कुंवरपाल दुकान पर आ गए।
चारों ने गौधा सिंह को दुकान के बाहर खींच लिया और गांव में रहने वाले एक व्यक्ति के घर ले गए। जब लोगों ने इस बात का विरोध किया तो आरोपियों ने तमंचे से फायर कर दिया। एक गोली गांव के रहने वाले सोनू के पैर में लगी।
इसके बाद गौधा सिंह के साथ लाठी-डंडों, सरियों से मारपीट की गई। लोगों को आता देख आरोपी फायरिंग करते हुए फरार हो गए। इस मामले में गौधा सिंह की पत्नी चरनवती ने चारों आरोपियों के खिलाफ थाने में मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था।
मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार त्यागी ने चारों को दोषी पाया और चार-चार साल का कठोर कारावास व 12-12 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
इस मामले में चारों आरोपी जमानत पर रिहा थे, लेकिन इस सजा के बाद चारों को जेल भेज दिया गया है। जुर्माना की 70 प्रतिशत धनराशि गौधा सिंह और 10 प्रतिश धनराशि सोनू को दी जाएगी।