डायट परिसर में बने महिला थाने का बृहस्पतिवार को आईजी सुजीत पांडेय ने फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि अब महिलाओं को रिपोर्ट लिखाने के लिए परेशानी नहीं होगा। कहा कि पुलिस कस्टडी से कैदी के फरार होने का मामला संगीन है। दोषी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया जाएगा।
बृहस्पतिवार शाम करीब 5:27 बजे आईजी मेरठ जोन सुजीत पांडेय डायट परिसर में नवनिर्मित महिला थाने का उद्घाटन करने पहुंचे। उन्होंने एसपी अलंकृता सिंह के साथ थाने के बाहर पौधरोपण किया। इसके बाद उन्होंने फीता काटकर महिला थाने का श्रीगणेश किया।
आईजी ने बताया कि महिला थाने का क्षेत्राधिकार पूरा जिला होगा और इसका पर्यवेक्षण क्षेत्राधिकारी हापुड़ द्वारा किया जाएगा। महिला थाने की पहली एसओ सीमा मधुकर को नियुक्त किया गया है।
जिसमें एक प्रधान लेखक, दो सहायक लेखक, दो एचसीपी और छह आरक्षियों को भी नियुक्त किया गया है। आईजी ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता है कि महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों और घटनाओं पर अंकुश लगाया जाए।
2015-16 में जितने भी पुलिस पर हमले, आगजनी, पथराव और बलवे की वारदातें हुई है। उनमें 95 प्रतिशत मामलों में पुलिस ने कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। एक केस में यह कार्रवाई शेष है।
पिछले दिनों अंकित गुर्जर कस्टडी से फरार हुआ था। इस मामले में जितने भी पुलिसकर्मी उसके साथ थे,उन्हें बर्खास्त करने की कार्रवाई की गई है। गाजियाबाद से जो कैदी बृहस्पतिवार को भागा है।
कैदी के साथ वाले पुलिसकर्मी को भी बर्खास्त करने की कार्रवाई की जा रही है। दो दिनों में महिला थाने में मात्र 13 शिकायतें आई। वहां पर एएसपी रामनयन यादव, सीओ सिटी विशाल यादव, सीओ पिलखुवा शैलेंद्र राठौर, सीओ गढ़ सतीश चंद्र पांडेय आदि रहे।