जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पत्नी की हत्या और उसे बचाने में गई ससुर की जान के दोषी पति को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
आरोपी पति दहेज के लिए अपनी पत्नी से मारपीट करता था और मायके में अपनी पत्नी पर केरोसिन उड़ेल दिया था। जिला शासकीय अधिवक्ता भाग सिंह भाटी ने बताया कि बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव चितौड़ी मोद्दीनपुर निवासी कंछिद ने अपनी पुत्री पारूल की शादी वर्ष 2014 में गढ़मुक्तेश्वर के मोहल्ला मूढ़ावाला निवासी किशन उर्फ कृष्ण से की थी।
आरोप था कि शादी के बाद ही ससुराल पक्ष दहेज की मांग को लेकर पारूल के साथ मारपीट करता था। कई बार उसने मायके वालों को मारपीट की जानकारी भी दी थी। 6 नवंबर 2014 को किशन अपनी पत्नी पारूल को बाइक पर बैठाकर मायके लाया और यहां मारपीट करते हुए उस पर केरोसिन उड़ेलकर आग लगा दी।
महिला की चीख सुनकर उसका पिता कंछिद उसे बचाने की कोशिश में झुलस गया। गंभीर हालत में पिता-पुत्री को मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां उपचार के दो दिन बाद पारूल ने दम तोड़ दिया, जबकि कुछ दिनों बाद कंछिद ने भी मौत हो गई।
इस मामले में मृतका के दादा दौलत सिंह ने आरोपी पति किशन उर्फ कृष्णा के खिलाफ दहेज हत्या का मामला पंजीकृत कराया था। बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार श्रीवास्तव ने इस केस को दहेज हत्या न मानकर इसे हत्या करार दिया।
इसके बाद आरोपी किशन उर्फ कृष्ण को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। आरोपी को जेल भेज दिया गया है।