एडीजे कोर्ट ने गढ़ के गांव हसुपुर में हत्या की कोशिश में एक दोषी को सात वर्ष की कैद सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
शासकीय अधिवक्ता राकेश तोमर ने बताया कि गढ़ के गांव हसुपुर निवासी ओमवीर का अपने भाई यशवीर से खेत की मेड़ तोड़ने को लेकर विवाद चल रहा था। 26 मई 2010 को यशवीर ने ओमवीर के खेत की मेड़ तोड़ दी।
इसका उन्होंने विरोध किया। 27 मई को ओमवीर का पुत्र धर्मेंद्र अपने खेत की मेड़ बना रहा था। तभी यशवीर अपना लाइसेंसी हथियार लेकर वहां पहुंचा और फायरिंग करनी शुरू कर दी। इस बीच एक गोली धर्मेंद्र के पैर में लग गई। इससे वह घायल हो गया।
उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथ ही ओमवीर ने अपने भाई यशवीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। तभी से ये मामला एडीजे कोर्ट में विचाराधीन था। बृहस्पतिवार को एडीजे अमरजीत त्रिपाठी ने मामले में सजा सुनाई।
शासकीय अधिवक्ता राकेश तोमर ने बताया कि मामले में दोषी मानते हुए यशवीर को सात वर्ष की सजा सुनाई गई। साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।