कोतवाली क्षेत्र के गांव दस्तोई में जमीन के लिए बेटों ने अपने पिता की गला घोटकर हत्या कर दी। शव गांव के जाहरवीर मंदिर परिसर में पड़ा मिला। पुलिस ने एक पुत्र को हिरासत में ले लिया है, दूसरा फरार है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक की पत्नी ओमवीरी ने अपने दोनों पुत्रों के खिलाफ तहरीर दी है। गांव दस्तोई निवासी ओमवीर (61) के दो पुत्र सुंदर और जोनी है। ओमवीर के नाम 15 बीघा जमीन थी।
कर्ज होने के कारण सात-आठ महीने पहले उसने सात बीघे जमीन बेच दी थी। बाकी आठ बीघे जमीन बेचने के लिए दोनों पुत्र उस पर दबाव बना रहे थे, पर ओमवीर जमीन बेचने को तैयार नहीं हो रहा था।
बुधवार को दिन में 11 बजे ओमवीर घर से खाना खाकर रोजाना की तरह पास ही में जाहरवीर मंदिर में आराम करने चला गया। दोपहर बाद करीब 3:30 बजे गांव के कुछ लोग मंदिर में प्रसाद चढ़ाने पहुंचे तो वहां ओमवीर के गले में फांसी का फंदा लगा देखकर शोर मचाया।
सूचना मिलने पर सीओ सिटी विशाल यादव व एसएचओ वीरेंद्र सिंह यादव फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस अफसरों के सामने मृतक की पत्नी ओमवीरी ने बयान दिया कि उसके दोनों पुत्रों ने ही उसके पति की गला दबाकर हत्या की है।
यह सुनते ही पुलिस ने बड़े पुत्र सुंदर को हिरासत में ले लिया, जबकि छोटा पुत्र मौके से फरार हो गया। उधर, सीओ सिटी विशाल यादव का कहना है कि दोनों पुत्रों ने ही जमीन के लिए पिता की हत्या की है।
मृतक की पत्नी ओमवीरी ने दोनों पुत्रों के खिलाफ तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कराया जा रहा है। फरार आरोपी की तलाश में एक टीम को लगाया गया है।
ओमवीर अपनी आठ बीघा जमीन को बेचना नहीं चाहता था, लेकिन उसके दोनों पुत्र लगातार उस पर जमीन बेचने का दबाव बना रहे थे। बताया गया है कि छोटे पुत्र ने अपने पिता को मारने के लिए पहले भी कई बार कोशिश की थी। हर बार वह असफल रहा था।
ओमवीर की हत्या के बाद अब परिवार में मौजूद महिलाओं के भरण-पोषण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। क्योंकि दोनों पुत्रों की पत्नियां और मृतक की मां व पत्नी ही परिवार में शेष बचे हैं। जबकि दोनों पुत्रों को जेल की हवा खानी पड़ेगी।