गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के पूठ गांव में एक फार्म हाऊस में लिंग परीक्षण का धंधा चल रहा था। स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को फार्म हाउस पर रेड डालकर डॉक्टर को दबोच लिया। एक माह से स्वास्थ्य अफसरों को इस बारे में इनपुट मिल रहे थे। पुलिस ने मशीन भी कब्जे में ले ली है।
एक माह से स्वास्थ्य अफसरों को बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के पूठ गांव में एक फार्म हाउस में लिंग परीक्षण का गोरखधंधा चलने की जानकारी मिल रही थी। कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिलने से स्वास्थ्य अफसर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे थे। एक सप्ताह से स्वास्थ्य अफसरों ने इस गोरखधंधे को पकड़ने के लिए एढ़ी-चोटी का जोर लगा दिया।
मंगलवार को डीएम, सीडीओ और एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डा. एके सिंह, डिप्टी सीएमओ डा. राकेश अनुरागी, तहसीलदार गढ़ भगत सिंह और गढ़ सीएचसी के अधीक्षक डा. रविंद्र कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया।
टीम ने एक कर्मचारी को ग्राहक बनाकर लिंग परीक्षण कराने के लिए उक्त फार्म हाउस पर भेजा। लिंग परीक्षण के एवज में चिकित्सक ने 5500 रुपये लिए। इस दौरान भारी पुलिस बल के साथ टीम ने आरोपी डॉक्टर को रंगे हाथों पकड़ लिया।
डिप्टी सीएमओ डा. राकेश अनुरागी ने बताया कि फार्म हाउस पर लगी अल्ट्रासाउंड मशीन का स्वास्थ्य विभाग में कोई रिकॉर्ड नहीं है। इतना ही नहीं डा. आरके शर्मा भी रजिस्टर्ड नहीं हैं। हालांकि वह एमबीबीएस, डीएमआरडी डिग्रीधारक है।
एसीएमओ ने बताया कि अब से पूर्व आरके शर्मा बुलंदशहर के स्याना में लिंग परीक्षण का गोरखधंधा चलाता था। पूठ स्थित फार्म हाउस पर वह मंगलवार और शुक्रवार को ही लिंग परीक्षण करता था। बाकी के दिनों में अन्य जिलों में यह कार्य करता था।
उक्त फार्म हाउस पर दिल्ली तक के ग्राहक लिंग परीक्षण कराने पहुंचते थे। बहरहाल आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सीएमओ ने एफआईआर दर्ज करा दी है, उसे बहादुरगढ़ पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। मशीन को जब्त कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि नियमानुसार इस तरह का कार्य करने वाले को सात साल की सजा और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
लिंग परीक्षण कराना कानूनी अपराध है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे। - डा. एके सिंह, सीएमओ