चरित्र पर संदेह होने के चलते दिव्यांग ने फावड़ा मारकर बहन पर जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने युवती को गंभीर हालत में मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया है। युवती का बेहोशी की हालत में उपचार कर रहा है।
पुलिस ने आरोपी दिव्यांग को जंगल से दबोच लिया है। उसके खिलाफ पिता ने जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई है। बहादुरगढ़ क्षेत्र के एक गांव में निवासी परिवार ने सोमवार को सरदारों वाली मंढैया के जंगल में गेहूं की कटाई की थी।
वहां शाम को फसल की निकासी होने पर तीन युवक मजदूर के घर पहुंचे और मजदूरी के गेहूं देने के लिए उसकी 22 वर्षीय बेटी को जंगल में ले गए। कुछ देर बाद युवती का दिव्यांग भाई भी जंगल में पहुंच गया।
उसने रात करीब साढ़े दस बजे बहन को तीन युवकों के साथ अकेला देखा तो उसका माथा ठिनक गया। बहन के चाल चलन पर शक के चलते वह आग बबूला हो गया। उसने खेत में रखा फावड़ा उठाकर बहन के सिर पर हमला कर दिया।
जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। इसको देख तीनों युवक शोर मचाते हुए वहां से भाग निकले। युवकों ने गांव में जाकर घटना की जानकारी दी, तो युवती के परिजनों ने सौ नंबर पर फोन कर पुलिस को बुलाया।
पुलिस गंभीर रूप में घायल युवती को गढ़ सीएचसी ले आई। हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया।
एसओ संजीव शुक्ला ने बताया कि घायल युवती का मेरठ के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है, वह कोमा में है। हमला करने के आरोपी दिव्यांग को हिरासत में ले लिया गया है। घायल के पिता की तहरीर पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई है।