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दादरी के दो सगे भाइयों की मार्ग दुर्घटना में मौत

Fri, 23 Jun 2017 10:42 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
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दुर्घटना में मौत - फोटो : अमर उजाला
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तहसील हापुड़ के गांव दादरी के दो सगे भाइयों की बृहस्पतिवार रात मेरठ रोड पर कैली गांव के पास दुर्घटना में मौत हो गई। दोनों भाई, एक भाई की बीमार पत्नी को देखकर उसके मायके से लौट रहे थे। देर रात किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी।
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दादरी गांव के निवासी स्व. बुधराम का 25 वर्षीय पुत्र प्रदीप अपने बड़े भाई 35 वर्षीय प्रमोद के साथ बाइक से प्रमोद की बीमार पत्नी कामिनी को देखने के लिए बृहस्पतिवार को उसके मायके पोहली (सरधना) गए थे।

वहां से देर रात लौटते समय मेरठ रोड पर कैली गांव के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आकर बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। घंटों तक उनके शव वहीं पड़े रहे। करीब तीन बजे गश्त कर रहे पुलिस कर्मियों ने शवों को देखने के बाद उनकी तलाशी ली और परिजनों को सूचना दी।
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सूचना मिलते ही मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया। हादसे की रिपोर्ट मृतकों के मामा ने दर्ज कराई है। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंप दिया है। शुक्रवार को गमगीन माहौल में दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार किया गया।

दादरी गांव में दो सगे भाइयों की सड़क हादसे में मौत होने से मानों इस परिवार पर पहाड़ टूट पड़ा हो। दरअसल मृतकों का पिता बुधराम मूल रूप से गाजियाबाद जिले के थाना मुरादनगर के गांव कुर्सी का निवासी था। बुधराम की ससुराल हापुड़ तहसील के गांव दादरी में है।

बुधराम की करीब 20 साल पहले मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उसकी विधवा पत्नी अपने दोनों बेटों प्रदीप, प्रमोद और बेटी को साथ लेकर मायके में रहने लगी थी। किसी तरह उसने पाल कर बच्चों को बड़ा किया।

बेटी की शादी की लेकिन उसकी अपने पति से अनबन हो गई जो अपनी एक बेटी के साथ आकर दादरी में ही अपनी मां के पास रहने लगी और फैक्ट्री में मजदूरी कर अपनी बेटी को पढ़ाती है।
प्रदीप और प्रमोद की भी शादी काफी समय पहले हो गई थी।

दोनों पुताई और चिनाई कर परिवार का खर्च चलाते थे। पड़ोसियों के मुताबिक दोनों भाइयों में काफी स्नेह था। प्रमोद के चार और प्रदीप का एक बच्चा है। अब इस परिवार में विधवा सास के साथ दो बहु भी विधवा हो गयीं। परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा है। मासूम बच्चों सहित समूचे परिवार और रिश्तेदारों का रो रो कर बुरा हाल है।

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश राय ने कहा है कि मृतकों के आश्रितों को पारिवारिक लाभ योजना के तहत तत्काल प्रभाव से 30-30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की जा सकेगी। हादसे से टूट चुके मृतकों के आश्रितों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक मदद के लिए भी प्रबल संस्तुति की जाएगी।

उप जिलाधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि वह शनिवार को एक टीम तहसील से दादरी भेजकर मृतकों के परिजनों के बारे में जानकारी कराएंगे और उन्हें हर संभव मदद कराने का प्रयास करेंगे। अगर परिवार के पास कुछ जमीन होगी तो कृषक दुर्घटना बीमा का लाभ मिल सकेगा।
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