देहात थाना क्षेत्र के दोयमी रेलवे फाटक पर एक्सप्रेस ट्रेन के सामने आकर कपड़ा व्यापारी के पुत्र ने जान दे दी। परिजनों के मुताबिक वह काफी दिनों से डिप्रेशन में चल रहा था।
इससे पहले भी उसने जान देने की कोशिश की थी। परिजनों के अनुरोध पर पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम कराए शव उनके सुपुर्द कर दिया है। इससे पहले कपड़ा व्यापारी के एक और पुत्र की गंगा में डूबकर मौत हो चुकी है।
व्यापारी के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। नगर के मोहल्ला शिवपुरी निवासी मदन लाल नारंग की चंडी रोड पर कपड़े का कारोबार है। उनका पुत्र दीपक नारंग (27) काफी दिनों से दिमागी रूप से परेशान चल रहा था।
शनिवार दोपहर वह दुकान पर यह कहकर घर गया कि वह खाना खाने जा रहा है। लेकिन काफी देर तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने दुकान पर फोन किया।
बताया गया कि दोपहर करीब दो बजे मदन लाल के फोन पर दीपक का फोन आया। उसने बताया कि वह दोयमी फाटक पर है। इस बात का पता चलते ही परिजन दोयमी फाटक की ओर दौड़ पड़े।
लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही दीपक ने गढ़मुक्तेश्वर की ओर से आई एक्सप्रेस ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। परिजनों ने बताया कि दीपक डिप्रेशन में था। काफी दिनों से वह दिमागी रूप से परेशान चल रहा था।
इससे पहले भी उसने जान देने की कोशिश की थी। कपड़ा व्यापारी के घर सांत्वना देने आए लोगों ने बताया कि इससे पहले व्यापारी के एक पुत्र की गंगा में डूबकर मौत हो चुकी है।
दीपक ही उनका इकलौता सहारा था। अब दीपक की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। एसएसआई रुपकिशोर शर्मा ने बताया कि परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराये शव अपने सुपुर्द ले लिया है।
50 मीटर ट्रेन से घिसटा शव
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटनास्थल से करीब पचास मीटर तक दीपक का शव एक्सप्रेस ट्रेन से घिसटता हुआ गया। उसका सिर धड़ से अलग हो गया था।