बहादुरगढ़ के गांव कटीरा अल्लीपुर निवासी मोमीन खां की बेटी सोफिया (2) बृहस्पतिवार शाम को घर के आंगन में खेल रही थी। उसकी मां घर के कामकाज में व्यस्त थी।
परिजनों के अनुसार इसी दौरान उसने पास में रखी डिबिया का ढक्कन खोला और मिट्टी का तेल पी लिया।
बच्ची की हालत बिगड़ने पर उन्हें घटना की जानकारी हुई। बच्ची को डॉक्टर के यहां ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
श्वास प्रक्रिया फेल हो जाती है
सीएचसी अधीक्षक डॉ.संजीव शर्मा का कहना है कि दस मिली लीटर या उससे अधिक मिट्टी का तेल पीने से बच्चों में केरोसिन प्वाइजनिंग की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे उल्टी-दस्त के साथ ही उनकी श्वास प्रक्रिया फेल हो जाती है और शरीर नीला पड़ने के साथ बच्चा कोमा में पहुंच जाता है।
अगर उपयुक्त मेडिकल सेवा मुहैया हो जाती है, तो पीड़ित बच्चे की जान बचनी संभव है अन्यथा उसकी मौत होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए मिट्टी के तेल समेत बच्चों के लिए घातक अन्य चीजों को उनकी पहुंच से दूर रखना चाहिए। क्योंकि जरा सी चूक उनके लाडलों की मौत की वजह बन सकती है।