कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला छज्जूपुरा में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमले के आरोपी पर रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद खुलेआम घूमने का मामला सीएम दरबार में पहुंच गया है। शिकायत पर सीएम ने संज्ञान लेकर पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की आख्या मांगी है।
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में छज्जूपुरा निवासी दलित कालीचरन ने बताया कि वह गाजियाबाद की एक मार्केटिंग कंपनी में अधिकर्ता के पद पर तैनात है।
यह कंपनी भवन निर्माण का काम करती है। नगर के मोहल्ला श्रीनगर निवासी पवन कुमार मल्होत्रा ने कंपनी के मालिक से मुलाकात कर शिक्षा विहार सहकारी आवास समिति भवन निर्माण के लिए संपर्क किया।
कंपनी ने पवन को कार्य संबंधित विवरण प्राप्त करने के लिये अधीकृत किया लेकिन पवन ने अपने साथियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी कर कंपनी का रुपया हड़प लिया।
इसके बाद वह लगातार पवन से रुपये वापस मांग रहा था। 5 अक्तूबर को जब उसने रुपये मांगे तो पवन ने शाम के समय मंडी पर आकर पैसे देने की बात कही।
तय वक्त पर जब वह रुपये लेने पहुंचा तो पवन और मानव मल्होत्रा ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उस पर जानलेवा हमला कर दिया।
इसमें वह घायल हो गया। इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए वह थाने गया तो पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया।
कोर्ट के आदेश पर उसने पवन और मानव के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया, लेकिन इस मामले में पुलिस मानव को ही गिरफ्तार कर सकी है जबकि पवन अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
पीड़ित कालीचरन की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया और पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले की आख्या देने के आदेश दिए हैं।