डासना टोल पर रविवार सुबह टोल शुल्क मांगने पर धौलाना के बसपा विधायक असलम चौधरी के भतीजे और उनके समर्थकों ने टोल कर्मचारियों के साथ जमकर मारपीट की। टोलकर्मियों का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने समर्थकों से टोल शुल्क मांग लिया था।
टोल प्रबंधक की तहरीर पर मसूरी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। वहीं, घायल वसीम और मकसूर का आरोप है कि विधायक के समर्थकों ने उन्हेें दौड़ा-दौड़ा कर लाठी और डंडों से पीटा हैं, जिससे वह घायल हो गए है। साथ ही जान से मारने की धमकी दी है।
घटना रविवार सुबह करीब 11 बजे की है। हापुड़ से गाजियाबाद की ओर जा रही विधायक का स्टीकर लगी एक कार चालक से टोल कर्मियों ने शुल्क मांगा तो उसने मना कर दिया। चालक ने टोलकर्मियों को धमकाया कि कार धौलाना से बसपा विधायक असलम चौधरी की है।
टोलकर्मियों का आरोप है कि इसके बाद चालक ने उनके साथी से गाली-गलौच की और फोन कर अपने साथियों को वहां बुला लिया। करीब 15 मिनट बाद विधायक का भतीजा मुकम्मिल अपने दो साथियों समेत दूसरी कार लेकर डासना टोल पर पहुंचा।
आरोप है कि विधायक के भतीजे ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर टोल पर तैनात कर्मचारी वसीम और मकसूर की जमकर पिटाई कर दी। उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि विधायक के नाम से यहां निकलने वाली कार से कोई टोल नहीं वसूला जाए।
वारदात को अंजाम देने के बाद चारों आरोपी वहां से भाग गए। बाद में टोल कर्मियों ने 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की और थाने में तहरीर देने की बात कहकर दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
टोल प्रबंधक शेषनाथ सिंह ने मसूरी थाने में विधायक के भतीजे मुकम्मिल, ड्राइवर और दो अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। सीओ सदर पवन कुमार का कहना है कि तहरीर के आधार पर चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जांच कर रही है। टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मारपीट की वीडियो वायरल
डासना टोल पर विधायक के भतीजे, ड्राइवर और दो समर्थकों द्वारा की गई मारपीट का एक वीडियो सोशल साइट्स पर वायरल हुआ हैं। इस वीडियो में विधायक के समर्थकों की गुंडई साफ दिख रही है।
बोले विधायक, मेरे नाम का गलत इस्तेमाल हुआ है
धौलाना से बीएसपी के विधायक असलम चौधरी का कहना है कि टोल पर हुई मारपीट में उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया है। मौके पर न तो वह खुद थे और न ही उनके परिवार का कोई सदस्य। वह खुद भी अपने स्तर से मामले की जांच कराएंगे।