बिरयानी विक्रेता असलम हत्याकांड को उसकी भतीजी के जेठ ने थी। उसको परिवार की एक महिला से असलम के अवैध संबंधों का शक था। भतीजी के जेठ ने पहले तो उसको शराब पिलाई और फिर गला दबाकर हत्या कर दी।
पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। एएसपी ने पुलिस टीम को पांच हजार का ईनाम देने की घोषणा की है। कोतवाली में आयोजित प्रेस वार्ता में एएसपी रामनयन यादव ने बताया कि 25 अप्रैल को अलीनगर निवासी शाहिद ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी कि उसका भाई बिरयानी विक्रेता असलम लापता है।
27 अप्रैल को गोपी कोल्ड स्टोर के पीछे एक शव मिला, जिसकी शिनाख्त लापता असलम के रूप में की गई। पुलिस को जांच में पता चला था कि मृतक असलम की भतीजी जैबुन निशा का निकाह कोटला मेवातियान निवासी गुलफाम से हुआ था। गुलफाम के बढ़े भाई सलमान के घर उसका आनाजाना था।
जांच में पता चला था कि असलम सलमान के परिवार की एक महिला से छेड़छाड़ करता था। सलमान को शक था कि महिला से असलम के अवैध संबंध हैं। इसके चलते उसने असलम को ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी। बृहस्पतिवार को सलमान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पुलिस को पूछताछ में जानकारी मिली कि 25 अप्रैल को सलमान और असलम बाइक पर एक साथ पुरानी चुंगी से गए थे। बुलंदशहर रोड पर दोनों ने एक साथ शराब पी। इसके बाद रामपुर रोड पर असलम को ले जाकर गमछे से गला दबाकर घोटकर हत्या कर दी।
सलमान ने बताया कि वह नवीन मंडी में फलों की आढ़त करता है। यदि असलम को वह नहीं मारता तो शायद वह उसे ठिकाने लगा देता।
एएसपी रामनयन यादव ने असलम हत्याकांड का खुलासा करने वाले एसएचओ वीरेंद्र सिंह यादव, कांस्टेबिल रणधीर सिंह, जितेंद्र सिंह, पदम सिंह और विष्णु को पांच हजार का ईनाम देने की घोषणा की है।