शौच के लिए जंगल जा रही किशोरी का अपहरण कर दो युवकों ने बंधक बनाकर उससे दस दिनों तक गैंगरेप किया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शनिवार को किशोरी को बंद कमरे से मुक्त करा लिया, लेकिन इससे पहले दोनों आरोपी भाग गए।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण और गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज की है। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 17 वर्षीय किशोरी 26 जनवरी की सुबह शौच के लिए जंगल में गई थी। वह रात होने तक भी वापस नहीं लौटी, तो अनहोनी की आशंका से भयभीत परिजन जंगल में तलाश में जुट गए।
कई दिन तक खोजबीन के बाद भी उसका सुराग नहीं लग पाया। ऐसे में परिजनों ने गढ़ कोतवाली में गुमशुदगी की तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने इसको गंभीरता से लेना मुनासिब नहीं लिया। किशोरी की गुमशुदगी दर्ज नहीं की गई।
किशोरी को एक परिचित सहित दो युवक अपहरण कर मेरठ ले गए थे। उसको मेरठ के पल्लवपुरम में एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। दोनों युवकों ने उससे लगातार गैंगरेप किया। शनिवार दोपहर को एक आरोपी का मोबाइल गलती से कमरे में रह गया।
युवकों के बाहर जाने के बाद किशोरी ने उसके मोबाइल से परिजनों को आपबीती सुनाकर खुद को बंधक बनाने के स्थान की जानकारी दी। परिजनों की सूचना पर पुलिस मेरठ के पल्लवपुरम पहुंच गई। पुलिस ने कमरे में बंधक बनाकर रखी गई किशोरी को मुक्त करा लिया,
लेकिन दोनों युवक इससे पहले वहां से फरार हो गए।दरअसल युवकों को मोबाइल छूटने का अहसास हो गया था और उन्होंने किशोरी के फोन करने की जानकारी कर ली थी।
इंस्पेक्टर समरजीत सिंह ने बताया कि परिजनों की सूचना के आधार पर मेरठ के पल्लवपुरम में दबिश देकर किशोरी को सकुशल मुक्त करा लिया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण और गैंगरेप का अभियोग दर्ज कर लिया है। रविवार को किशोरी का मेडिकल कराया जाएगा। दोनों आरोपियों को जल्द दबोच लिया जाएगा।