अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने नाबालिग को अगवा कर उससे रेप करने वाले एक आरोपी को दस साल की सश्रम कारावास और 70 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। साथ ही दो लाख रुपये विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पीड़िता को पुनर्वास के लिए दिलाएं जाएंगे।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश तोमर और सीएस यादव ने बताया कि किठौर थाना क्षेत्र के एक गांव का व्यक्ति ईट-भट्ठे पर काम करता है। वह 22 जून 2014 को बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले ईट-भट्ठे के ठेकेदार के यहां दावत में परिवार के साथ आया था।
इसी दौरान कार्यक्रम से उसकी 15 वर्षीय पुत्री को गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के बड़ा मोहल्ला निवासी दिनेश अगवा कर मसूरी स्थित ईट-भट्ठे पर ले गया। यहां उसने किशोरी के साथ रेप किया।
इस मामले में पीड़ित किशोरी के पिता ने आरोपी के खिलाफ पोस्को सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और तब से वह जेल में ही था।
उन्होंने बताया कि सोमवार को इस मामले में फैसला सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार त्यागी ने आरोपी दिनेश को दोषी करार देते हुए दस साल सश्रम कारावास और 70 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। जबकि दो लाख रुपये पीड़िता को पुर्नावास के विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिलाए जाएंगे।