नगर के मोहल्ला चमरी में तालाब की जमीन पर स्थित बच्चों के श्मशान में सोमवार सुबह एक नवजात का शव दफनाने से दबंगों ने रोक दिया। इस दौरान लोगों और दबंगों में जमकर नोकझोंक हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया।
बाद में बच्चे का शव दफनाया गया। इसके बाद दोपहर में सैकड़ों की संख्या में लोग ट्रैक्टर व ट्रॉली से कलक्ट्रेट पहुंचे और तालाब की भूमि पर दबंगों द्वारा कब्जे का अरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंचीं एसडीएम ने मामले में जांच के निर्देश देकर लोगों को शांत कराया।
जानकारी के मुताबिक मोहल्ला चमरी में एक पुराने तालाब के कुछ हिस्से में हिंदुओं के बच्चों को दफनाने के लिए श्मशान बना हुआ है। वर्षों से यहां बच्चों को दफनाया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि पिछले कुछ महीनों से इलाके के दबंग इस भूमि पर भराव कर तालाब पर कब्जे की कोशि कर रहे हैं।
सोमवार सुबह गांव निवासी डालू के नवजात शिशु की मौत हो गई। जब लोग उसे दफनाने के लिए यहां पहुंचे तो कब्जा करने वाले लोगों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया।
बाद में बच्चे के शव को दफना दिया गया। इसके बाद दोपहर में ट्रैक्टर-ट्राली से सैकड़ों लोग कलक्ट्रेट पहुंचे और दबंगों पर तालाब व श्मशान भूमि पर कब्जे का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। लोगों का आरोप था कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से इस जमीन को जबरदस्ती कब्जाने की कोशिश की जा रही है।
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा के न होने पर ग्रामीणों ने कार्यालय पर सौंपकर भूमि को कब्जा मुक्त कराए जाने की मांग की। इसके बाद गांव में फिर एक बार फिर हंगामा शुरू हो गया। मौके पर पहुंचीं एसडीएम मीनू राणा ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया।
दोपहर बाद तक लोगों का हंगामा चलता रहा। एसडीएम मीनू राणा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। लोगों के गुस्से का देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।