सिंभावली। नेशनल हाईवे पर सांड की टक्कर से युवक की मौत हो गई। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया। निराश्रित पशु क्षेत्र में लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं, लेकिन इनसे निजात दिलाने को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
गांव खुडलिया निवासी कौशल सिंह का बेटा रोहित उर्फ सोनू पिलखुवा के पास एक कंपनी में नौकरी करता है। जो मंगलवार की रात पिलखुवा से गांव लौट रहा था। गांव लौटने के दौरान ऑटो ने उसे बाबूगढ़ तक छोड़ दिया। जहां से गांव के लिए सवारी न मिलने पर उसने घर फोन करके उसे ले जाने के लिए कहा। रोहित का फोन आने पर उसका छोटा भाई अंकुर(22 वर्ष) बाइक से उसे लेने के लिए बाबूगढ़ की तरफ चल दिया। नेशनल हाईवे पर गांव सिखैड़ा के निकट सड़क पार कर रहे निराश्रित पशुओं के झुंड ने अंकुर की बाइक में टक्कर मार दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना राहगीरों ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस समेत उसके परिजनों को भी दी। सूचना के बाद सिंभावली पुलिस और अंकुर के परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों ने उसे हापुड़ के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है। मृतक चार भाई बहनों में सबसे छोटा था। परिजन बिना किसी कार्रवाई शव को अपने साथ गांव ले आए, बुधवार को गमगीन माहौल में मृतक का ब्रजघाट गंगा तट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
14 नवंबर 2022 को बिरसिंहपुर निवासी भूपेंद्र उर्फ शालू की बाइक में गांव दत्तियाना के निकट सांड ने टक्कर मार दी थी। जिसमें भूपेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। अक्तूबर माह में गांव पलवाड़ा में सांड के हमले से वन कर्मी दयाचंद निवासी कटीरा जाफराबाद की मौत हो चुकी है। वहीं 15 मई की रात गांव लहडरा निवासी सरवती देवी(85 वर्ष) को घर के दरवाजे पर बैठने के दौरान सांड ने टक्कर मार कर घायल कर दिया था। जिनकी गढ़ के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। एसडीएम अंकित कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों से वार्ता कर ब्लॉक अधिकारियों को निर्देशित कर जल्द ही निराश्रित पशुओं को पकड़वाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
पूर्व सैनिकों ने की निराश्रित पशुओं को पकड़वाने की मांग
पूर्व सैनिक चौधरी मनवीर सिंह समेत अन्य लोगों ने जिला प्रशासन से निराश्रित पशुओं को गोशाला भिजवाने की मांग की है। ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके।