हापुड़। दिवाली से ठीक एक दिन बाद कचहरी के बाहर हुए लाखन हत्याकांड से भी हापुड़ पुलिस ने कोई सीख नहीं ली है। हापुड़ कचहरी की सुरक्षा की स्थिति अभी भी पहले की तरह है। बुधवार को अमर उजाला की टीम ने कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की, तो वही पुरानी लापरवाही देखी गई।
पिछले साल दिवाली से ठीक एक दिन बाद कचहरी में पेशी पर आए हिस्ट्रीशीटर लाखन की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की सुरक्षा को धता बताते हुए हमलावर आराम से फरार हो गए थे। इस हत्याकांड के बाद पूरा प्रदेश हिल गया था। जिसके बाद यहां तक तैनात तत्कालीन सीओ और कोतवाली प्रभारी को भी हटा दिया गया था। लेकिन इस घटना के एक साल बाद भी स्थिति जस की तस है।
गेट पर नहीं हो रही जांच-
बुधवार को कचहरी के अंदर आने जाने वालों की किसी प्रकार की जांच नहीं की जा रही। मेटल डिटेक्टर मौजूद था। लेकिन लोग उससे होकर नहीं गुजर रहे थे। स्कैनर मशीन तो लंबे अर्से से खराब पड़ी हुई है। इसके अलावा पुलिसकर्मियों द्वारा किसी से कोई रोक टोक या पूछताछ नहीं की जा रही थी।
पुलिस सेल में कुुर्सियां खाली
कचहरी गेट से अंदर घुसने के बाद पुलिस कक्ष में कुर्सियां खाली पड़ी थीं और यहां कोई मौजूद नहीं था। यहां तैनात पुलिसकर्मी आसपास टहल रहे थे। ऐसे में कोई भी संदिग्ध बिना किसी निगरानी के चलते अंदर आराम से घुसकर कोई भी अप्रिय घटना आराम से कर सकता था।
पूरे दिन कुर्सियों पर आराम फरमाती है पीएसी की टुकड़ी
हत्याकांड के बाद कचहरी के बाहर कैदियों की सुरक्षा के मद्देनजर पीएसी की टुकड़ी तैनात की गई थी। लेकिन यहां पर तैनात ये सुरक्षाकर्मी लगभग पूरे दिन कचहरी गेट से दूर रघुवीर गंज को जाने वाले रास्ते पर आराम फरमाते नजर आते हैं। कचहरी में आने जाने वाले कैदियों की सुरक्षा की इनमें न चिंता दिखाई दी और न ही इनका ध्यान इस ओर था। अधिकतर कुर्सियों पर उंघते या मोबाइल देखते नजर आए।
सुरक्षा में नहीं बरती जाएगी लापरवाही
कचहरी की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। समय समय पर अधिकारी भी इसका निरीक्षण करते रहते हैं। यदि कहीं कमी है तो सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।-राजकुमार अग्रवाल, एएसपी।