पिलखुवा। कोतवाली क्षेत्र के गांव भोवापुर में वसीयत की जमीन हड़पने के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार कराने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
गांव भोवापुर निवासी मेहर सिंह ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी दादी इमरती देवी ने 16 मार्च 1988 को उनके और उनके भाई जगमाल सिंह के पक्ष में अपनी संपत्ति की पंजीकृत वसीयत कराई थी। इमरती देवी का निधन 25 अगस्त 1992 को हुआ। इसके बाद उनकी भूमि पर वर्ष 1992 में दोनों भाइयों के नाम कागजात में दर्ज हो गए थे।
आरोप है कि गांव भोवापुर निवासी मनोज और प्रकाश ने ग्राम प्रधान सीता देवी से साजिश कर इमरती देवी की मृत्यु तिथि 10 मार्च 1988 दर्शाते हुए 25 जुलाई 2022 को फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराया। परिवार रजिस्टर में कूटरचना कर मृत्यु तिथि दर्ज कराई गई और वारिसान प्रमाणपत्र जारी कराया गया। इन दस्तावेजों के आधार पर वसीयत निरस्त कराने और जमीन के दाखिल-खारिज में आपत्ति लगाई गई।
जांच में 10 मार्च 1988 अंकित मृत्यु प्रमाणपत्र को सक्षम अधिकारी ने निरस्त कर दिया है। सीओ अनीता चौहान ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।