बिजली निगम कर्मियों ने उपभोक्ताओं को ठगने का नया तरीका इजाद कर लिया लिया है। अब बिना उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे ही उनसे आरसीडीसी मद में 300 रुपये की वसूली की जा रही है। काउंटर पर तैनात कर्मचारी पांच हजार से अधिक का बिल देखते ही उपभोक्ता से यह शुल्क वसूल रहे हैं।
सोमवार को ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया तो निगम अफसरों की पोल खुल गई। राजस्व वसूली में पिछड़ने पर शासन की फटकार से बौखलाए निगम अफसरों ने अब उपभोक्ताओं से वसूली का नया तरीका इजाद किया है।
नियम के मुताबिक किसी उपभोक्ता का कनेक्शन काटा जाता है तो उसे फिर से जुड़वाने के लिए आरसीडीसी मद में निर्धारित शुल्क जमा करना पड़ता है। लेकिन निगम अफसरों ने इस नियम को उपभोक्ताओं को परेशान करने का हथकंडा बना लिया है।
आलम यह है कि उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे बगैर ही उनसे यह शुल्क वसूला जा रहा है। आश्चर्य की बात है कि बिल काउंटर पर तैनात कर्मचारी दो माह या पांच हजार रुपये से अधिक की बकाएदारी देख उपभोक्ताओं से आरसीडीसी के नाम पर 300 रुपये की अतिरिक्त वसूली कर लेते हैं।
हालांकि, इसकी रसीद भी दी जाती है। सोमवार को शिवपुरी निवासी सतीश मेहंदी रत्ता ने बिल काउंटर पर तैनात कर्मचारियों से आरसीडीसी का अर्थ पूछा तो वह सकपका गए। इसके बाद उन्होंने एसडीओ कार्यालय में इस समस्या को प्रमुखता से उठाया। यह पहला मामला नहीं है अधिकांश उपभोक्ताओं से इस मद में वसूली की जा रही है।
एसडीओ यशेंद्र सिंह का कहना है कि यह शुल्क सिर्फ कट चुके कनेक्शन को फिर से जोड़ने के लिए वसूला जाता है। बिना कटे कनेक्शन पर यह शुल्क नहीं वसूला जाता है। उपभोक्ताओं को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।